प्राईवेट अस्पताल का कारनामा : मरीज से की पूरी वसूली, शासन का पैसा भी हड़पा

सीहेार। अनुराग शर्मा| सिटी केयर अस्पताल प्रबंधन के द्वारा मरीज के परिजनों से जहां ईलाज की पूरी राशि वसूली गई वहीं मुख्यमंत्री स्वच्छानुदान से मिले रूपए भी हड़प लिए गए । जब पीडि़त ने रूपये वापस मांगे तो जान से माने की धमकी देकर अस्पताल से भगा दिया गया।  ब्याज से उधार पैसा लेकर ईलाज कराने वाला हैरान परेशान पीडि़त मंगलवार को पत्नि बच्चों के साथ पहले कलेक्ट्रेट पहुंचा जहां जनसुनाई में शिकायती पत्र दिया जिस के बाद सिटी केयर अस्पताल के सामने सड़क पर बैठाकर आमजनों को अस्पताल प्रबंधन के द्वारा की गई धोकाधड़ी की दास्ता सुनाई। 

दोराहा निवासी हलवाई निशांत सिंह पुत्र पुलविन्दर सिंह  होटल पर कार्य करते वक्त 10 जनवरी 2018 को हादसे का शिकार हो गए थे। घटना में उनके शरीर के प्रमुख हिस्सों में गंभीर चोटे आई थी होटल संचालक ने एक लाख पच्चीस हजार रूपए का नगद भुगतान निशांत के उपचार के लिए सीहेार स्थित सिटी केयर हॉस्पिटल को कर दिया। राशि कम पडऩे पर पीडि़त के परिजनों ने मुख्यमंत्री उपचार सहायता योजना में आवेदन दिया। शासन के द्वारा 5 सितंबर 2019 को उपचार के लिए 75 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई। जानकारी के आभाव में अस्पताल से डिस्चार्ज के दौरान मरीज ने उपचार बिल के मुताबिक कर्जा से पैसा लेकर पूरा भुगतान कर दिया। 

जान से मारने दी धमकी, चैंक भी बाउंस 

मुख्यमंत्री उपचार आर्थिक सहायता स्वीकृत कार्यालय से मोबाईल पर बताया गया की आप के उपचार के लिए स्वीकृत राशि 75 हजार रूपए सिटी केयर अस्पताल के एकाउंट में भेज दी गई है। पीडि़त मरीज ने जब इस राशि की मांग की तो सिटी केयर अस्पताल प्रबंधन के द्वारा उपचार के बिल में उक्त राशि को कम क्यों नहीं किया अस्पताल प्रबंधन ने शासन की पूरी 75 हजार रूपये हड़प लिए है जबकी हमने कर्जा लेकर ईलाज कराया है और अस्पताल का पूरा करीब 2 लाख 50 हजार रूपये का भुगतान कर दिया है। अस्पताल की धोकाधड़ी के शिकार हुए पीडि़त ने सीएम हेलप् लाईन पर शिकायत दर्ज कराई है। मंगलवार को पीडि़त निशांत सिंह ने पत्नि सिमरन और दो बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायती पत्र दिया है जिस में उन्होने न्याय नहीं मिलने पर परिवार के साथ आत्मदाह करने की चैतावनी भी दी है।