सीहोर मैं अवैध कालोनियों की भरमार

सीहोर।अनुराग शर्मा।

जिले में अवैध कॉलोनियों के कारोबार करने वाले कॉलोनाइजर के हौसले बुलंद है जिला मुख्यालय पर अवैध कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजर प्रतिदिन एक नई कॉलोनी काटकर जिला प्रशासन की नाक के नीचे जीवन भर की कमाई से घर बनाने के सपने साकार करने वाले नागरिकों के साथ छलावा कर रहा है क्योंकि नागरिकों द्वारा खरीदे एक प्लाट पर भवन बनाने हेतु नगर पालिका द्वारा एनओसी नहीं देने से बैंक भी भवन निर्माण हेतु ऋण नहीं दे पा रही है ऐसे में जिला प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे पूर्व प्रदेश सरकार ने अवैध कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा की थी लेकिन नगर पालिका द्वारा समय पर कागजी कार्रवाई न करने से नगर वासियों के लिए मुसीबत का कारण बढ़ गई है कॉलोनाइजर द्वारा बिना विकास कार्य किए चूने की लाइन डालकर प्लाट बेचने का सिलसिला जारी है जागरूकता के अभाव में लोग भी अपनी मेहनत की पूजा इन कालोनियों में लगाते जा रहे हैं इस तरह के कारण नाइजर पर शिकंजा कसना जरूरी हो गया है जिला मुख्यालय के आसपास के क्षेत्रों में करीब 10 स्थानों पर लोगों ने इस तरह कालोनियां काट दी है कि बिना विकास कार्य कराए प्लाट बेचा जा रहे हैं कॉलोनाइजर द्वारा प्लाट बेचने के बाद किसी प्रकार की कोई भी सुविधा मुहैया नहीं कराई जाती बेचते समय तो खरीदार को बड़े-बड़े सपने दिखाते हैं और बाद में दादागिरी के साथ मना कर देते हैं 68 से अधिक कॉलोनाइजर या के वैध होने की नई प्रक्रिया पूरी नहीं होने से करीब 68 कालोनियों को अवैध घोषित किया गया था पिछली सरकार के कार्यकाल में इन सभी अवैध कालोनियों को वैध करने का प्लान था इसके बाद इन कॉलोनियों की सूची तैयार की गई लेकिन समय पर सूचियों को तैयार ना करने के कारण सीहोर की आयत से व्यक्त करने का प्रक्रिया मामला अधर में लटका कर रह गया है मूलभूत सुविधाओं को नहीं होने से परेशान है रहवासी जिन लोगों ने इन अवैध कालोनियों में प्लाट खरीदे हैं और बाद में यह पर मकान बनाना लिए अब वे लोग परेशान नजर आ रहे हैं इन स्थानों पर ना तो सड़क बन पा रही है और ना ही पानी की लाइन डाल पाई अवैध कॉलोनी होने के कारण नगर पालिका भी यहां विकास कार्य नहीं कर पा रही है यही कारण है इन कालोनियों को लोग कई ऑफिसों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है