गांव की बदहाल स्थिति को लेकर महिलाओं ने किया चक्काजाम

अनुराग शर्मा/सीहोर। मूलभूत सुविधाओं को तरस रही शेरपुरा सेकड़ाखेड़ी की ग्रामीण महिलाओं को सब्र शनिवार को टूट गया। ट्रांसफार्मर नहीं होने और दो माह से अंधेरे में जीवन यापन कर रही आक्रोशित महिलाओं ने समाजसेवी श्वेता परमार के नेतृत्व में मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया। महिलाओं ने हाथों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र और राष्ट्रध्वज तिरंगे को रखकर जमकर नारेबाजी की। चक्काजाम होने से दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही दो घंटे तक रूकी रही। इस दौरान वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।

समाजसेवी श्वेता परमार ने गांव का निरीक्षण भी किया और असुविधाओं से जूझ रहे गांव की स्थिति को लेकर नाराजगी व्याक्त की। महिलाओं ने बताया की गांव में बीते दो माह से बिजली का ट्रांसफार्मर नहीं है जिससे रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। बिजली के अभाव में रात के समय जहरीले जीवों का भी खासा डर बना रहता है। इसी कारण आटा दाल पिसाने भी सीहोर तक जाना पड़ रहा है। महिलाओं ने कहा की गांव में गंदे पानी निकासी के लिए सुविधाजनक नालियां नहीं है जिस  कारण गांव में स्थित कच्ची सड़कों पर घरों को गंदा पानी जहां तहा फैल रहा है। कुछ स्थानों पर बनाई गई नालियां भी अब इनके लिए मुसीबत बन चुकी है। रात में इन बेतरतीब बनाई गई नालियों में गिर कर ग्रामीण घायल हो रहे है। गांव में पीने के पानी के लिए भी समुचित इंतजाम नहीं है, हेंडपंप खराब पड़े हुए है और कुएं का पानी पीने लायक नहीं है। गांव में एक प्राथमिक स्कूल है उसकी भी हालत काफी खराब है, शिक्षकों की कमी और स्कूल पहुंच मार्ग की खराब हालात छात्र छात्राओं के लिए परेशानी बनी हुई है।

समाजसेविका श्वेता परमार ने कई बार गांव में ट्रांसफार्मर नहीं होने और नालियों और पक्की सड़कों का अभाव होने, पात्र ग्रामीण महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास नहीं मिलने और शौचालय योजना का भी लाभ नहीं दिए जाने सहित गांव में व्याप्त समस्याओं के निराकरण करने को लेकर ग्राम पंचायत जनपद और जिला प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन किसी ने भी गांव की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया। इससे परेशान होकर श्वेता परमार ने शनिवार को महिलाओं के साथ गांव के हित में मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने अपने हक के लिए श्वेता के साथ आवाज उठाई और इसका परिणाम भी सुखद रहा। विद्युत वितरण कंपनी ग्रामीण के द्वारा गांव में ट्रांसफार्मर भेजा दिया गया है। अब गांव की अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए भी श्वेता जिला मुख्यालय पर पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगी।