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शहडोल। मध्यप्रदेश में पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दलों के नेता अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए दल बदल रहे हैं। नामांकन के बाद भी पद की चाहत में पाला बदलने की प्रक्रिया जारी है। वैसे भी राजनीति में कब कौन कहां छलांग लगा जाए यह कहना मुश्किल ही होता है। शुक्रवार को शहडोल जिले की जयसिंहनगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की विधायक प्रमिला सिंह ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया।

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने उन्हें समर्थकों समेत कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करवाई। उन्होंने जिला कांग्रेस कार्यालय में एक सादे समारोह में यह सदस्यता ली। बताया जा रहा है कि सिंह जयसिंहनगर विधानसभा से टिकट मांग रहीं थीं, लेकिन उनकी जगह जैतपुर के भाजपा विधायक जय सिंह मरावी को पार्टी ने मैदान में उतार दिया, जिसके चलते वे नाराज चल रहीं थीं। पार्टी से बगावत करने के बजाए उन्होंने किनारा करना ही बेहतर समझा। अब वह कांग्रेस प्रत्याशी के लिए प्रचार करेंगी। 

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने विंध्य प्रदेश के चुनावी दौरे के दूसरे दिन विभिन्न जनसभाओं में कहा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में यह पहला चुनाव है जब सत्तारूढ़ पार्टी को न केवल जनता का बल्कि पार्टी के अंदर व्याप्त विरोध का सामना करना पड़ रहा है। श्री सिंह ने कहा कि यह बताता है कि भाजपा का चरित्र दोगला है और उसके इस चरित्र के कारण पार्टी के लोगों का और जनता का मोहभंग हो गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रदेश की जनता ने जिस विश्वास और उम्मीद के साथ अपना पूरा समर्थन प्रदेश की और केंद्र की सरकार को दिया था उसके साथ भाजपा के नरेंद्र मोदी और प्रदेश की शिवराज सरकार ने विश्वासघात किया है

श्री सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के चार साल इस देश में काले दिन लाए। पेट्रोल.डीजल, गैस कनेक्शन दामों में भारी बढ़ोत्तरी, जीएसटी, नोटबंदी जैसे फैसलों ने देश की आर्थिक स्थिति की कमर तोड़ कर रख दी। किसी भी देश की करेंसी उसकी शान होती है आज भारतीय रूपया जिस तरह से धराशायी है डॉलर के मुकाबले वह देश के इतिहास में पहली बार हुआ है। श्री सिंह ने कहा कि राष्ट्रवाद की बात करने वाले नकली लोगों ने पूरे देश की शान को ध्वस्त कर दिया है।

श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस का नारा है वक्त है बदलाव का इसकी अहमियत को समझें और आने वाले प्रदेश के विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भाजपा को सबक सिखाएं की वोट देकर सत्ता देना जानते हैं तो सत्ता छीनने का अधिकार भी इस देश के लोकतंत्र ने उन्हें दिया है।

गौरतलब है कि आज सुबह ही प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने भी पटवा सरकार में संसदीय सचिव रहे सुरेंद्र प्रताप सिंह के भाई और किसान नेता हरेंद्र प्रताप सिंह भी कांग्रेस में शामिल हो गए है। भोपाल में कमलनाथ की मौजूदगी में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। हरेन्द्र के कांग्रेस में जाने से भाजपा को नुकसान हो सकता है, चुंकी हरेन्द्र की छवि एक किसान नेता के रुप में भी है।

हरेंद्र प्रताप सिंह ने पार्टी छोड़ने के बाद भाजपा पर वंशवाद का आरोप लगाया है। हरेन्द्र ने कहा है कि बीजेपी में परिवारवाद बढ़ रहा है, पैसे लेकर टिकट बेचे जा रहे है, इसलिए मैंने बीजेपी को छोड़ने का फैसला किया। वही हरेन्द्र के कांग्रेस में शामिल होने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर हमला बोला है।दिग्विजय ने कहा है कि ये तो बस शूरूआत है अभी औऱ लोग बीजेपी को छोड़ेगे। उन्होंने दावा है कि 19 नवंबर तक कई बड़े नाम कांग्रेस में शामिल होंगे ।