विधायक के बिगड़ैल बोल, तहसीलदार से बोले ‘तेरी औकात मुझे पता है, सरकार का नशा है तुझे’

श्योपुर,डेस्क रिपोर्ट। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री न मिलने से नाराज विधानसभा में सबके सामने अपना कुर्ता फाड़ने वाले कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार विधायक जंडेल ने तहसीलदार भरत नायक को जमकर खरी खोटी सुनाई और 500-500 रुपये में बिकने वाला अधिकारी बता दिया। दरअसल बुधवार की रात विधायक बाबू जंडेल बाढ़ पीड़ितो से मिलते हुए बड़ौदा का भ्रमण कर रहे थे, इसी दौरान वार्ड 15 के वाशिंदों ने विधायक को बताया कि उन्हें राहत सामग्री नही मिली है। बाबू जंडेल ने जब लोगो से पूछा कि सरकारी मदद और राहत सामग्री मिलने में उन्हें कोई दिक्कत तो नही आ रही तो लोगो का जबाब था कि उन्हें तो सामग्री मिली ही नही। बस फिर क्या विधायक बाबू जंडेल का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वह लोगो की भीड़ लेकर रात 09 बजे तहसील कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान मौके पर तहसील कार्यालय पहुंचे प्रभारी तहसीलदार भरत नायक विधायक के गुस्से के खासा शिकार बन गए। प्रभारी तहसीलदार के सामने ही लोगो ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि उन्हें कोई राहत सामग्री नही मिली जिसके बाद विधायक ने भी प्रभारी तहसीलदार को जमकर कर खरी खोटी सुना दी।

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विधायक अफसर से तू तड़ाक वाली भाषा पर उतर आए। MLA ने कहा, कैसा तहसीलदार है तू , तूने भ्रष्टाचार मचा रखा है श्योपुर के अंदर। तू 500- 500 रुपए में बिकने वाला तहसीलदार है। इस बीच तहसीलदार भरत नायक ने कहा कि विधायक जी मुझे फोन पर सुनने में थोड़ी गलती हो गई। यह सुनकर विधायक जंडेल का पारा और चढ़ गया और उन्होंने कहा कि अरे गलती नहीं, तू बार-बार मुझे सरकार की धौंस देता है, क्या होती है सरकार जो हो सके कर लेना, मुझे जेल भेज देना, FIR दर्ज करवा देना। विधायक बाबू जंडेल यही नही रुके बल्कि जो मुँह में आता गया बोलते चले गए। उन्होंने चिल्लाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास का लाभ भी भाजपा के लोगों के कहने पर अपात्रों को दे दिया, तुझे शर्म नहीं आती। तू लगातार मुझसे झूठ बोलता रहा कि मैंने गरीबों में आटा बंटवा दिया है। एक भी बाढ़ पीड़ित बचा नहीं है। यह 200 आदमियों की भीड़ मेरे साथ आई है, इनमें से एक को भी आटे का बैग नहीं मिला, बता देना कहां बांट दिया आटा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मैं भ्रष्टाचार नहीं होने दूंगा फिर भी तू ने भ्रष्टाचार मचा रखा है। कौन सा नेता है जिसके कहने पर तू भ्रष्टाचार कर रहा है। जिले के लिए तू कचरा है। कलेक्टर वर्मा जी ईमानदार है अच्छा काम कर रहा है। वह गरीबों की सुन रहा है। पहले एसडीएम उपाध्याय यहां कचरा था उसने यहां भ्रष्टाचार मचा रखा था, वो कचरा यहां से निकल गया, तू कचरा और बच गया है। देर तक चले हंगामे के बाद विधायक प्रभारी तहसीलदार को कड़ी हिदायते देते हुए लोगो के साथ चले गए।