सरकारी जमीन दिखाकर ढाई करोड़ की ठगी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामला दर्ज

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शिवपुरी, शिवम पाण्डेय। जिले में एंटी माफिया अभियान के तहत भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। बुधवार को फिर जिले में एक बड़ा मामला दर्ज हुआ है। खबर शहर की सिटी कोतवाली की है जहां सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश से एक मामला दर्ज किया गया है। शिवपुरी में निवास करने वाली आसपुर फैमिली ने एक जयपुर के व्यापारी के साथ ढाई करोड़ से अधिक रूपए की ठगी की है। मामला सन 2013 का बताया जा रहा हैं। इस मामले में फरियादी व्यापारी को प्रताप आसपुर शिवपुरी आने पर बलात्कार का मामला दर्ज करवाने की धमकी भी देते रहे है।

जानकारी के अनुसार जयपुर में प्रतापसिंह व प्रदीप सिंह चाहान के रिश्तेदार लोकेंद्रसिंह राठौर रहते हैं। लोकेंद्रसिंह राठौर की जयपुर के व्यापारी भंवरसिंह शेखावत से परिचय था। लोकेंद्रसिंह ने भंवरसिंह से कहा कि शिवपुरी में लाल पत्थर निकलता है और वहां पाटनरी में स्टोन फैक्ट्री लगा सकते हैं। जिस पर भंवरसिंह शेखावत लोकेंद्रसिंह के साथ 31 मार्च 2013 में शिवपुरी आए। लोकेंद्र सिंह ने भंवर सिंह को प्रतापसिंह और प्रदीप सिंह और उनके चाचा,भतीजे से मिलवाया ओर मीटिंग कराई। इस मीटिंग में आसपुर फैमिली ने जमीन खरीदकर स्टोन फैक्ट्री लगाने का सुझाव दिया। भंवर सिंह को यह सौदा पंसद आया और उसने यह डील फायनल कर दी।

बताया जा रहा हैं कि भंवरसिंह और प्रतापसिंह की पाटनरी में फैक्ट्री लगाने का फायनल हुआ। प्रताप सिंह ने भंवर सिंह को जमीन दिखाई ओर उसका सौदा कराया और मशीन खरीदने के नाम पर 2 करोड़ 47 लाख 97 हजार रुपए भी ले लिए। लेकिन किसी तरह भंवर सिंह को यह ज्ञात हो गया कि जो जमीन दिखाई गई हैं वह शासकीय पट्टे की है। जयपुर निवासी भंवरसिंह ने प्रताप सिंह से अपने ढाई करोड़ रूपए वापस मांगें तो उसने कुछ ही दिनों में लौटाने की बात कही। समय बीतने पर भी जयपुर के व्यापारी के पैसे वापस नही किए और उल्टी धमकी दी जाने लगी। व्यापारी से कहा जाने लगा कि शिवपुरी आए तो जान से हाथ धो बैठोगे और बलात्कार का मामला दर्ज होगा सो अलग।

इस मामल को लेकर भंवरसिंह शेखावत ने जयपुर के वैशाली नगर के थाने में शिकायत दर्ज करवाई और मामले को हाईकोर्ट में लगाया। जब हाईकोर्ट ने उक्त लोगो को तलब किया तो उन्होंने कहा कि यह मामला शिवपुरी क्षेत्र से जुड़ा है जिसे आधार बनाकर हाईकोर्ट ने मामले को क्वाइट कर दिया। इसके बाद भंवरसिंह ने सुप्रीम कोर्ट में एफआईआर के लिए आवेदन लगाया। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने शिवपुरी पुलिस को एफआईआर दर्ज किए जाने के आदेश दिए। यहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रतापिंसह आसपुर, प्रदीप चौहान सहित उनके रिश्तेदारों पर 420, 406, 120बी भादवि के तहत केस दर्ज कर लिया है।