खनियाधाना के शासकीय विद्यालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला, बच्चों को नहीं बांटा जा रहा राशन

शिवपुरी, शिवम पाण्डेय। जिले के खनियाधाना क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों में जिम्मेदार शासकीय धन की बंदरबांट करने पर तुले हुए हैं। सरकारी स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने एवं बच्चो को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए शासन के द्वारा सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की योजना चलाई जा रही है। भोजन वितरण का कार्य स्वसहायता समूहों को सौंपा गया है। समूहों की मनमानी एवं संबंधित अधिकारियों की मिली भगत से गरीब बच्चों के पेट पर डाका डाला जा रहा है।

जिले के खनियाधाना विकासखंड के अंतर्गत के आने वाले ग्राम पंचायत कफार के सरकारी स्कूल में समूह के द्वारा गरीब बच्चों के हक को मारा जा रहा है। स्कूल में चल रही राशन वितरण व्यवस्था में समूह संचालक सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। इसे लेकर ग्रामीणों सहित हैड मास्टर ने मांग की है कि समूह संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सरकार की महत्वपूर्ण योजना राशन वितरण योजना में जमकर भ्रष्टाचार मचा हुआ है। छात्रों के घरवालों का आरोप है कि जुलाई माह से अभी तक किसी प्रकार का राशन नहीं मिला है, जब भी कभी प्रशासनिक दबाव पड़ता है तो सब्जी तथा प्रति बच्चे डेढ़ रोटी प्रधानाध्यापक द्वारा दी जाती है। शासकीय स्कूलों में समूह संचालक के द्वारा मध्यान्ह भोजन वितरण की सिर्फ औपचारिकता पूर्ण गरीब बच्चों के हक पर डाका डाला जा रहा है। वहीं कफार के शासकीय स्कूलों में शौचालय का निर्माण तो कराया गया है परंतु घटिया होने के चलते ताला बंद कर दिया जाता है, यहां का हेडपंप भी बंद पड़ा है।

शौचालय और रसोई खण्डर में तब्दील
स्वच्छता मिशन के अंतर्गत शौचालय बनवाने के बाद भी इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। यहां शौचालय में इतनी गंदगी पसरी है लोग यहां कदम रखना भी पसंद नहीं करते हैं। जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहे हैं। शासकीय स्कूल का कफार में पर बना शौचालय जर्जर हालात और गंदगी से अटा पड़ा है। छात्र छात्राओं का कहना है कि शौचालय से गंदगी के चलते इतनी दुर्गंध आती है कि क्लास के अंदर बैठना भी मुश्किल हो रखा है। एक तरफ  प्रशासन ने इसे कागजों पर खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया है, लेकिन यहां की वास्तविक हकीकत ओर कागजी दावों में जमीन-आसमान का अंतर दिखाई देता है।