शिवपुरी, मोनू प्रधान। शिवपुरी चिटोरा विनेगा क्षेत्र (Shivpuri Chitora Vinega Region) में पिछले दिनों हुए भूमि घोटाले (Land Scam) में राज्य प्रशासनिक सेवा (State Administrative Service) कई अधिकारी (Officers) कार्रवाई की जद में आ गए हैं। लोकायुक्त पुलिस (Lokayukta Police) ने इस मामले में 9 लोगों के विरुद्ध आपराधिक षड्यंत्र (Criminal Conspiracy) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention Of corruption Act) की धारा 7 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। इसमें एसडीएम, तहसीलदार सहित कई अधिकारी भी जांच के दायरे में आ रहे हैं, जिनमें एक अपर कलेक्टर भी बताए जा रहे हैं।

दरअसल, शिवपुरी में चिटोरा विनेगा क्षेत्र में पिछले समय बड़े स्तर पर जमीन की खरीदी-बिक्री हुई थी, जिसमें विवादित जमीन कारोबारी सत्येंद्र सिंह सेंगर (Satendra Singh Senghar) ने सोलर एनर्जी प्लांट (Solar Energy Plant) को जमीन बेची थी। इसमें वन भूमि (Forest Land) की भी खरीदी और बिक्री हुई थी। लोकायुक्त पुलिस ने इस प्रकरण में संज्ञान लेते हुए जांच के बाद शिवपुरी के तत्कालीन एसडीएम प्रदीप सिंह तोमर, तत्कालीन तहसीलदार रोहित रघुवंशी, तहसीलदार जीएस बेरवा जो वर्तमान में करेरा में पदस्थ हैं, वरिष्ठ उप पंजीयक अशोक कुमार उप पंजीयक कार्यालय में पदस्थ महेंद्र सिंह कौरव, राजस्व निरीक्षक नितेंद्र श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार श्रीमती शारदा पाठक, पटवारी अमृता शर्मा और जमीन बेचने वाले सत्येंद्र सिंह सेंगर के विरुद्ध धारा 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात 7 के तहत एफ आई आर दर्ज कर ली है। जानकारी के मुताबिक शिवपुरी में हुए इस भूमि घोटाले में शिवपुरी में पदस्थ रहे एक एसडीएम जो वर्तमान में अपर कलेक्टर हैं वह भी जांच के घेरे में आ रहे हैं।