नियुक्ति नहीं मिलने पर युवती ने निगला कीटनाशक

शिवपुरी।परवेज खान ।

जिले के पोहरी तहसील के अहेरा गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नन्दनी आदिवासि ने आंगन बाड़ी कार्यकर्ता पद पर चयन होने के बाद भी नियुक्ति नही मिलने पर युवती ने कीटनाशक निगल लिया। जिसे गम्भीर हालत में जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। पीड़ित युवती का आरोप है कि आंगन बाड़ी कार्यकर्ता पद पर चयन होने के बाद भी पोहरी तहसीलदार ओपी राजपूत ने नियुक्ति अटका रखी है।

जनसुनवाई में भी बरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने के बाबजूद भी कोई सुनवाई नही हुई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में चयन होने के बाद उसकी नियुक्ति से पहले कुछ लोगों ने आपत्ति लगा दी। इसके बाद इस मामले की जांच हुई तो वह जांच में पात्र पाई गई। इसके बाद नियुक्त हो पाती कि फिर एक आपत्ति लगा दी गई। इस बार जांच पोहरी तहसीलदार ओपी राजपूत को करनी थी। लेकिन उन्होंने जांच में लगातार देरी की।

नन्दनी आदिवासि ने बताया कि मेरा चयन होने के बाद रानी परमार नागेंद्र परमार ने आपत्ति लगाई कि नंदिनी का विवाह नहीं हुआ है। जबकि हकीकत यह है कि विज्ञप्ति जारी होने से पहले मेरा विवाह हो गया था। साल 2016 से जीजा के पास रह रही हूं। हम गरीब आदिवासी पर अधिकारियों को मोटी रकम देने के लिए नहीं है। इसलिए मेरी नियुक्ति नहीं की जा रही है। जबकि अापत्ति लगाने वाली रानी परमार कृष्णगंज की रहने वाली है। उसने सरपंच से सांठ गांठ कर अहेरा गांव के राशन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड बनवा लिए हैं।

जबकि अहेरा गांव में आदिवासी वर्ग के अलावा दूसरे अन्य वर्ग के लोग नहीं रहते हैं। इससे पहले मेरी जेठानी लक्ष्मी आदिवासी कार्यकर्ता थी, जिसकी पुलिस में नौकरी लगने से पद खाली हुआ। पहली आपत्ति लगाई तो जांच में मै पात्र पाई गई। इसके बाद दूसरी बार फिर से आपत्ति लगा दी। इसकी जांच में लगातार देरी की जा रही थी। तहसीलदार ओपी राजपूत लगातार देरी कर रहे थे। जनसुनवाई में भी सुनवाई नहीं हुई। मैं पढ़ी लिखी बेरोजगार महिला हूं और बार-बार अनुराेध के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही। मुझे अपने परिवार का पालन-पोषण करने कार्यकर्ता की नियुक्ति की जरूरत है। लेकिन अफसर से लेकर सब मिले हुए हैं। जानबूझकर मामला उलझाए जाने से मैं हताश हो गई। इसलिए मैंने आत्मघाती कदम उठाया।