Shivpuri News : जैन समाजजनों ने सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित करने का किया विरोध, दुकानें रखी बंद

Shivpuri Jain Community Protest and Rally : सर्वोत्तम तीर्थ स्थान सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल बनाने से रोकने के लिए जैन समाज के लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन व रैली निकाली, यह रैली बड़ा जैन मंदिर से प्रारंभ होकर बस स्टैंड होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची जिसमें जैन समाज के सैकड़ों की संख्या में महिला.पुरुष हाथों पर काली पट्टी बांधकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शिन किया तथा तहसील कार्यालय पर पहुंचकर प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौपने के लिए कार्यालय पहुंचे पर कई घंटों की प्रतीक्षा के बाद भी खनियाधाना तहसील मुख्यालय होने के बावजूद भी तहसीलदार नहीं पहुंचे तो जैन समाज के लोगों में काफी रोष व्याप्त हो चुका था जिसकी वजह से जैन समाज के लोग तहसील से वापस बस स्टैंड पर पहुंचकर प्रमुख रोड पर चक्का जाम किया एवं पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बनकर तमाशा देखती रहा जिसके एक घंटे बाद मजबूरन पिछोर तहसीलदार को खनियाधाना बस स्टैंड पर प्रदर्शनकारियों के पास आना पड़ा और काफी देर समझाइश के बाद ज्ञापन सौंपा गया और चक्का जाम खोल दिया गया।

देश में कई स्थानों पर किया जा रहा हैं आंदोलन

आंदोलन समिति के सदस्यों ने बताया कि जैन समाज के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र एवं अनंत मुनिराज तीर्थंकरों की मोक्ष स्थली सम्मेद शिखर जी को केंद्र सरकार द्वारा पर्यटन स्थल एवं वन्य जीव पर्यावरण केंद्र घोषित करने के लिए अधिसूचना जारी की गई है जिसके जरिए सरकार इसे पर्यटन स्थल बनाना चाहती है जबकि जैन समाज की मांग है कि इस पूरे पर्वत श्रृंखला को पवित्र क्षेत्र घोषित किया जाए ताकि यहां पर किसी भी प्रकार की गैर धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा ना मिले साथ ही बताया गया कि इसके विरोध में जैन समाज द्वारा देश में कई स्थानों पर आंदोलन किए जा रहे हैं तथा रविवार को दिल्ली के लाल किला मैदान में भी विशाल रैली और धरना प्रदर्शन चल रहा है इसी क्रम में आज सोमवार 19 दिसंबर को खनियांधाना में भी जैन समाज द्वारा विशाल जुलूस निकालकर ज्ञापन सौंपा गया जिसके लिए जैन समाज के सैकड़ों की संख्या में जैन समाज के लोग प्रातः 10:30 बजे से बड़ा जैन मंदिर से विशाल विरोध प्रदर्शन रैली निकाल कर इस निर्णय का विरोध किया ।

इस विरोध प्रदर्शन रैली में सभी पुरुष एवं युवा वर्ग सफेद कुर्ता पजामा में तथा महिलाएं व युवतियों ने केसरिया वस्त्रों में शामिल हुई तथा अपने हाथों में तख्ती लेकर व काला रिबन बांधकर सरकार के इस निर्णय का विरोध करके जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी की पवित्रता कायम रखने की मांग की गई।
शिवपुरी से शिवम पाण्डेय की रिपोर्ट