दुष्कर्म में नाकाम रहा तो गला दबाकर महिला को मारा, पड़ोसी ही निकला हत्यतारा

शिवपुरी, शिवम पाण्डेय। खनियाधाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। विगत दिनों ग्राम रेड्डी हिम्मतपुर में 32 वर्षीय सुखवती पत्नी राजेश लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या हो गई। रात को मंदिर पर चल रहे रामायण पाठ शामिल होने के बाद जब पति घर पहुंचा तो सुखवती खटिया पर मृत अवस्था में पड़ी हुई थी। पत्नी को मृत देखकर पति ने अपने माता-पिता को आवाज लगाई। चीख पुकार की आवास सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को सुपुर्दगी में लेकर पंचनामा बनाया और शव को पीएम के लिए भिजवाया। मृतक सुखवती के ससुर बालकिशन लोधी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।

पुलिस द्वारा की जांच पड़ताल में पता लगा कि मृतका के घर के पीछे रहने वाला 27 वर्षीय कृपाल सिंह पुत्र हन्नू लोधी घटना के दिन से ही गायब था। कृपाल के स्वजनों से उसके बारे में जानकारी ली गई, लेकिन वह भी अचानक घर पर ताला लगाकर गायब हो गए। थाना प्रभारी आलोक सिंह भदौरिया ने बताया कि घटना स्थल पर एक गर्म लोई रखी हुई मिली थी, जो उस घर की नहीं थी। जब लोई के संबंध में जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि लोई कृपाल लोधी की है। लोई हत्या के आरोपित के पहचान होने पर थाना प्रभारी ने पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक आरोपित को गिरफ्तार करने के लिए निर्देशित किया गया। थाना प्रभारी ने एसडीओपी देवेंद्र सिंह कुशवाह के मार्गदर्शन में कार्रवाई की शुरु की।

एक दिन पहले मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर थाना प्रभारी टीम ने ग्राम गजौरा थाना पिछोर में दबिश दी और आरोपित कृपाल लोधी को गिरफ्तार किया और सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपित कृपाल लोधी ने सुखवती की हत्या करने का जुर्म कबूल किया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह 3-4 नवंबर की रात सुखवती के घर में घुस गया। उसने सुखवती के साथ गलत हरकतें करना शुरू किया तो महिला ने विरोध में चीखना शुरू कर दिया। इस पर आरोपी ने उसका मुंह बंद करके गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी कृपाल पर पहले से भी कई अपराध पंजीबद्ध है इस संपूर्ण कार्रवाई में खनियाधाना टीआई आलोक भदोरिया, उप निरीक्षक अरविंद सिंह राजपूत, साऊनि जगदीश पाराशर,जयवीर सिंह गुर्जर, अरुण मेवाफरोश, हरिओम गुप्ता, हरिकिशन जाट, आनंद लिटोरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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