लापरवाही ! वैक्सीन का दूसरा डोज लेने पहुंचे युवक को Covaxin की जगह लगाई Covishield

संदीप का कहना है कि मुझे दोनों अलग-अलग डोज दिए गए हैं अगर इसके बाद मुझे कुछ होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।

kolaras

शिवपुरी, मोनू प्रधान। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) द्वारा तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रदेश में 25 -26 अगस्त को दो दिवसीय वैक्सीनेशन महा अभियान 2 (MP Vaccination Maha Abhiyan 2) चलाया जा रहा है। जिसके चलते शिवपुरी में भी जिला कलेक्टर सहित प्रशासन से लेकर नेता समाजसेवी एकजुट होकर इसे सफल बनाने की जुगत में लगे है। लेकिन इस महा अभियान में कुछ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे है। ताजा मामला शिवपुरी जिले (Shivpuri District) के कोलारस (Kolaras) का है। जहां एक युवक कोवैक्सीन (Covaxin) का दूसरा डोज लगवांने आया था। लेकिन लापरवाह कर्मचारियों द्वारा उसे कोविशील्ड (Covishield) का डोज लगा दिया गया।

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घटना शिवपुरी जिले के कोलारस नगर के मानीपुरा स्थित अंबेडकर पार्क वैक्सीनेशन सेंटर की है। जहां स्वास्थ विभाग की बड़ी लापहरवाही सामने आई है। दरअसल बलेहरा निवासी संदीप सिंह सिख के साथ यह लापरवाही हुई है। संदीप ने बताया कि वो अपना सेकेंड डोज कोवैक्सीन का लगवाने आया था पर उसे को कोविशील्ड वैक्सीन लगा दी गई। संदीप ने बताया कि उससे फर्स्ट डोज का सर्टिफिकेट भी मांगा गया था और उसने वो दिया भी था। जिसके बाद संदीप ने अपना वैक्सीनेटेड होने का मैसेज नहीं आने की बात कही। जिसके बाद वहां बैठे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ने कहा कि आपको को कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield Vaccine) लगा दी गई है। जिसके बाद संदीप हैरान रह गया क्योंकि उसे पहला डोज कोवैक्सीन (Covaxin) का लगा था। संदीप ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में लापरवाह कर्मचारी बैठे हुए हैं। जिन्हें इतना तक नहीं पता की व्यक्ति को कौन सी वैक्सीन लगनी है। वहीं संदीप का कहना है कि मुझे दोनों अलग-अलग डोज दिए गए हैं अगर इसके बाद मुझे कुछ होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।

वहीं शिवपुरी सीएमएचओ अर्जुन लाल शर्मा कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैंने कोलारस बीएमओ से बोला है। बीएमओ द्वारा उसकी जांच की जा रही है एक व्यक्ति के दो अलग अलग वैक्सीन के डोज लगने के बाद शरीर मे अभी तक कोई साइड डिफेक्ट तो नही देखे गए है। बीएमओ को बोला गया है की उनकी विशेष निगरानी रखे यदि उनको कोई प्रॉब्लम होतो उनको जिला अस्पताल में ले आये 1 महीने बाद एंटीबॉडी टेस्ट करा लेंगे अगर एंटीबॉडी प्रॉपर बन गई होगी तो सेकेंड डोज की जरूरत नहीं है।

बहरहाल इस तरह की लापरवाही से जनता की जान के साथ खिलवाड़ करने वालों पर क्या कार्रवाई होती है देखने वाली बात होगी।

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