शिवपुरी: हेड आरक्षक आत्महत्या मामले में सुसाइड नोट में बड़ा खुलासा, जानें किसे ठहराया जिम्मेदार

आरक्षक ने नोट में जिक्र किया कि एंट्री नहीं करने पर मेडिकल कराकर मुझ पर झूठा केस दर्ज कराया गया है इसी से महेंद्र सिंह दु:खी थे।

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शिवपुरी, शिवम पाण्डेय। शिवपुरी (shivpuri) में प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह चौहान की आत्महत्या (suicide) केस में एक नया खुलासा हुआ है। जिले भर के पांच विभाग में हलचल मच गई है। आरक्षक महेंद्र सिंह चौहान ने रेलवे स्टेशन पर सफेद कपड़ा ओढकर शनिवार की देर शाम रेलवे स्टेशन पर ग्वालियर-पुणे रेल से कटकर आत्महत्या कर ली थी।

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अब आरक्षक महेंद्र द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट (suicide note) से बड़ा खुलासा हुआ है। जिसमें आत्महत्या के लिए भौंती टीआई, दो एसआई और एक आरक्षक को जिम्मेदार ठहराया है। जीआरपी द्वारा तत्काल शिवपुरी पुलिस को सूचना दी गई जिससे शव की पहचान हो सकी। आरक्षक ने नोट में जिक्र किया कि एंट्री नहीं करने पर मेडिकल कराकर मुझ पर झूठा केस दर्ज कराया गया है इसी से महेंद्र सिंह दु:खी थे।

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इसी सप्ताह थी शादी

मृतक आरक्षक की बेटी की 7 मई को शादी तय हो गई थी। कार्ड भी छप चुके थे। लेकिन कोरोना महामारी के चलते शादी कैंसल हो गई। अब चार दिन बाद फिर से शादी की तैयारी थी। बेटी की शादी से पहले ही प्रधान आरक्षक ने आत्महत्या कर ली। बेटे धर्मेंद्र सिंह चौहान ने भी भौंती टीआई व तीन अन्य पुलिस वालों को अपनी पिता की मौत का जिम्मेदार बताया है।