कोरोना से जीता, लेकिन पड़ोसियों से हारा, अब घर बेचने को मजबूर

शिवपुरी| परवेज खान| जहाँ एक और कोरोना के संक्रमण से स्वस्थ होकर आए लोगो का उनके आस पास के लोग थाली और ताली बजाकर स्वागत कर रहे है वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जिनका आचरण आदर्श योग्य नही कहा जा सकता है ।
शिवपुरी जिले के कोरोना संक्रमण के पहले मरीज दीपक शर्मा अपने मनोबल की दमपर कोरोना संक्रमण से तो जंग जीत गए पर अपने पड़ोसियों ओर नजदीकियों के दुर्व्यहार बुरे बर्ताव के सामने उनका मनोबल टूट चुका है और अब वह अपने परिवार के साथ अपना घर बेचकर जा रहे है ।

दीपक शर्मा ने अपने पड़ोसियों के दुर्व्यहार के चलते घर पर बोर्ड भी लगा दिया है कि यह मकान बिकाऊ है । जब इस मामले पर मीडिया की टीम ने दीपक के घर पहुचकर उनसे बात की तो उनका कहना था कि वह कोरोना वायरस से सिर्फ अपने मनोबल के कारण स्वस्थ्य हुए और उनका मनोबल जिला प्रशासन, चिकित्सक , नर्स, मीडिया द्वारा फोन पर उनसे लगातार बातचीत कर बढ़ाते रहे | लेकिन जब से वह स्वस्थ्य होकर शिवकालोनी स्थित अपने घर आये है तब से उनके पड़ोसी ओर नजदीकी उनके साथ दुर्व्यहार बुरा बर्ताव कर रहे है जिससे वह आघात है|

दीपक का कहना था यह बीमारी किसी को भी हो सकती है लेकिन हमें बुरा बर्ताव नही करना चाहिए। वहीं दीपक के पिता का कहना है कि उनके पड़ोसी उनके घर न सब्जी और न ही दूध बाले को आने दे रहे है और रात में कुछ लोग उनके घर का दरवाजा पीट पीटकर गाली गलौज कर उन्हें घर खाली कर जाने के लिए मजबूर कर रहे है । कोरोना वायरस जैसी गम्भीर बीमारी से बचने के लिए सोशल डिस्टेंश रखे पर एकदूसरे के प्रति भावनात्मक डिस्टेंश कोरोना संक्रमण से ज्यादा घातक साबित होगा|