सरकारी अस्पताल में कचरे में जलाई जा रही थीं दवाईयां और इंजेक्शन

सीधी।

जिले में स्वास्थ्य अधिकारी के दफ्तर के बाहर दवाईयां जलाए जाने के दौरान पटाखों की तरह धमाके हुए. इस घटना ने जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालियां निशान खड़े कर दिए हैं. पुराने इंजेक्शन, टैबलेट्स व दस्तावेजों को जलाने के दौरान हुए धमाके से यहां हडकंप मच गया. आनन फानन में कुछ लोगों ने आग पर पानी डालकर स्थिति को काबू में किया. दवाईयों को इस प्रकार से जलाने को लेकर जिला प्रशासन ने भी गंभीरता दिखाई है. सीधे के अपर कलेक्टर डी पी वर्मन ने इस संबंधि में कार्रवाई का भरोसा दिया है. इसमें से कई दवाएं ऐसी है जिनकी एक्सपायरी डेट भी अभी नहीं हुई है. ऐसी दवाईयों को जलाना कई गंभीर सवालों को जन्म दे रहा है. 

स्थानीय भाजपा विधायक कुँवर सिंह टेकाम ने इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले की विस्तृत जांच की मांग की है. जिला कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को पूरे मामले की जाँच करने की जिम्मेदारी सौंपी है. वहीं अपर कलेक्टर का कहना है कि दवाईयों को अस्पताल परिसर में जलना कानूनन अपराध है पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. साथ ही जिन दवाईयों की एक्सपायरी डेट नहीं बीती है उन्हें किस मकसद से जलाया जा रहा था इस बात की भी जांच की जाएगी।