सैकड़ों की संख्या में चमगादड़ों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप,कोरोना संकटकाल में बढ़ी दहशत

897

सिंगरौली//राघवेन्द्र सिंह गहरवार

सिंगरौली जिले के माड़ा तहसील अन्तर्गत एक अजीब घटना घटित हुई, यहां माड़ा तहसील के ग्राम पड़री खुटा टोला में आम के बगीचे में रहस्यमयी तरीके से हजारों की संख्या में चमगादड़ मरे हुए पाए गए। कई जमीन पर तड़प रहे थे तो कई लोगों की आंखों के सामने ही जमीन पर गिर रहे थे। इस घटना लोगों में हड़कंप मच गया जिसकी सूचना वन विभाग की अधिकारियों को दी गई जिसके बाद वन विभाग की टीम व पशु चिकित्सालय के अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच कर घटना की जांच कर मरे हुए चमगादड़ो को अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए सैम्पल भोपाल भेजने की बात कही है। कोरोना वायरस के खतरे के बीच इस तरह की घटना से लोग दहशत में हैं और कोई और नई बीमारी न हो जाए इस आशंका से घिरे हुए हैं।

बताया जा रहा है कि यहां जनार्दन सिंह निवासी पड़री खुटा टोला के घर के समीप आम के बाग में कुछ लोगों को दूर से जमीन पर कुछ काले रंग की बिखरी चीज नजर आई। पास पहुंचने पर लोगों ने देखा कि दूर-दूर तक चमगादड़ों के शव पड़े हैं। कुछ उनकी आंखों के सामने ही जमीन पर आकर गिर रहे थे तो कुछ जमीन पर पड़े तड़प रहे थे। आपको बता दें कि अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के बेलघाट और गोपलापुर से चमगादड़ों की मौत की खबर सामने आई थी कि अब मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के माड़ा तहसील अंर्तगत पड़री खुटा टोला में मामला सामने आया है। लोगों में कोरोना वायरस का खौफ अभी खत्म ही नही हुआ था कि इधर चमगादड़ों की मौत के बाद लोगों में दहशत हो गई है। लोगों ने कहा कि उन्हें डर है कि कहीं किसी वायरस (Virus) के कारण तो चमगादड़ों की मौत नहीं हुई। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि चमगादड़ों के मरने के बाद कहीं कोई वायरस न फैल जाए। कुछ लोगों का कहना है कि किसी अनजान वायरस से चमगादड़ों की मौत तो नही हो रही है।

इनका कहना है

इस बारे में जब वन अधिकारी DFO विजय सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पशुचिकित्सा वाले जांच कर रहे हैं। वहीं जानकारी दे पाएंगे।

उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं सिंगरौली प्रभारी डॉक्टर डी पी सिंह से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि चमगादडों का सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजने के लिए वन विभाग के रेंजर को दे दिया गया जिसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि इनकी मौत किसी वायरस से हुई है या बढ़ी हुई गर्मी और धूप से। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट वन विभाग वालो के पास ही आएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here