सटोरियों ने जिले में जमाई जड़े, वाईडी नगर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए पकड़े 2 सटोरिए

नगर सहित पूरे जिले में आईपीएल सट्टे सहित सूदखोर अपनी जड़ें जमा चुके है। वहीं वाईडी नगर पुलिस ने शनिवार को सख्ती दिखाते हुए नगर में कुछ जगह से बुकी को पकड़ा है। जो ऊंट के मुँह में जीरे के समान है।

मंदसौर, तरुण राठौर। नगर सहित पूरे जिले में आईपीएल सट्टे सहित सूदखोर अपनी जड़ें जमा चुके है। वहीं वाईडी नगर पुलिस ने शनिवार को सख्ती दिखाते हुए नगर में कुछ जगह से बुकी को पकड़ा है। जो ऊंट के मुँह में जीरे के समान है। जबकि नगर के कई घर अभी आईपीएल के सट्टे के केंद्र बने हुए। जिसके जानकारी आम जनता को तो पता है, लेकिन पुलिस को बिल्कुल नहीं। क्योंकि जिले में सट्टेबाजी व सूदखोरी पर नकेल कसने को लेकर पुलिस का रवैया काफी सुस्त है। जिससे देखकर यही लगता है कि सट्टेबाजों व सूदखोरो पर पुलिस अधिकारियों व राजनेताओ का पूरा साथ है। जिसका फायदा सट्टेबाज व सूदखोर जमकर उठा रहे।

इसी के चलते यह जिला सट्टेबाजी व सूदखोरी में धीरे- धीरे अव्वल नंबर की ओर अग्रसर है। यहां के बुकियों के तार इंदौर से लेकर राजस्थान तक में फैले हुए। वहीं सट्टेबाजी का केंद्र मुख्य चौराहों से लेकर शहर की छोटी छोटी गलियों तक फैल चुका है। जिसके चलते पूरे जिले में इस अवैध कारोबार ने अपनी जड़ें जमा ली है। वहीं नगर में सट्टेबाजी में बर्बाद हुए एक युवक ने फांसी लगा ली थी। मृतक के परिजनों ने पुलिस को आरोपियों के नाम भी बताए थे लेकिन पुलिस अब तक उन्हें पकड़ नहीं पाई है। आरोप है कि पुलिस के साथ मिलीभगत से आरोपी फरार है।

पुलिस की सुस्ती के चलते यह घटना घटी और अब भी पुलिस का वहीं रवैया है। यदि समय रहते पुलिस सट्टेबाजी करने वाले युवकों पर कार्यवाही करती तो युवक की जान बच सकती थी और दूसरे कई युवक घर छोडक़र जाने को मजबूर नहीं होते। बुकियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाए जाने से ऐसा लग रहा है कि जैसे पुलिस को एक- दो और घटनाएं होने का इंतजार कर रही हो। वहीं अब कार्यवाही के नाम पर एक- दो छोटे बुकियों को पकडक़र इतिश्री कर ली है, ताकि शहर के बड़े बुकी बच जाए। यदि पुलिस पकड़े हुए बुकी से सख्ती से पूछताछ करती है तो शहर के कई बड़े बुकियों के नाम सामने आ सकते है।