हाई कोर्ट के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने कसी कमर, मिलावटखोरों पर की जा रही कड़ी कार्रवाई

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब मिलावटखोरों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। हाई कोर्ट के इस निर्देश के बाद जबलपुर जिला प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

जबलपुर, संदीप कुमार। हाई कोर्ट (Jabalpur High Court) के निर्देश पर मिलावटखोरों (Adulterator’s) के खिलाफ राज्य सरकार (government) लगातार कार्यवाही कर रहा है। इसके बावजूद मिलावटखोर और घटिया खाद्य सामान बेचने वालों की कमी नज़र नहीं आ रही है। वहीं बात करें मध्यप्रदेश के जबलपुर की तो प्रशासन ने महज चंद महीनों के भीतर ही न सिर्फ सैकड़ों लोगों पर कार्रवाई की बल्कि रासुका लगाकर उन्हें जेल भी भिजवाया है। इसी के साथ जबलपुर जिला प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिये कमर कस ली है।

मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब मिलावटखोरों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। हाई कोर्ट के इस निर्देश के बाद जबलपुर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। लिहाजा नवंबर 2020 से अभी तक फ़ूड सेफ्टी विभाग ने 690 सेम्पल लिए जिसमें 77 फेल सैम्पलों को कोर्ट में लाया गया है जिसपर एडीएम कोर्ट ने अब तक 40 केसों में 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है वहीं 23 प्रतिष्ठान सील किये गये हैं।

जून माह में सामने आया था एक मामला

वहीं खाद्य सामान में मिलावटखोरी का एक मामला सामने आया था जहां जबलपुर के भरतीपुर में रहने वाले रोहित सोनकर ने अपने बेटे ऋषभ सोनकर के लिए सिविल लाइन स्थित महेन्द्र किराना स्टोर से एक “अलमंड बार” चॉकलेट खरीदकर अपने चार साल के बेटे को खिलाई थी। जिसके बाद से उसकी तबियत बिगड़ गई। चॉकलेट को चेक किया तो उसकी डेढ़ साल पहले ही डेट एक्सपायर हो गई थी। जिसकी शिकायत बच्चे के पिता रोहित सोनकर ने एसपी और कलेक्टर से की। वहीं बच्चे को पिता ने निजी अस्पताल में ईलाज के लिए भर्ती करवाया है, जहाँ बताया गया की उसकी तबियत कुछ खाने से बिगड़ी है।