ऊर्जा मंत्री के खंबे पर चढ़ने का असर, कर्मचारी हटा रहे घोंसले, झाड़ियां, अफसर मैदान में

बिजली कंपनी के अफसरों ने भरोसा दिलाया है कि सफाई का यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyumna Singh Tomar) ट्रांसफार्मर्स पर चढ़ी जंगली बेल, झाड़ियां और पक्षियों के घोंसले खुद नसेनी से चढ़कर हटाने को लेकर भले ही विरोध झेल रहे हों, विभाग के इंजीनियर्स उनके इस कृत्य को नियम विरुद्ध बता रहे हों बावजूद इसके विभाग का अमला अब साफ़ सफाई में जुट गया है।  वरिष्ठ अधिकारी खुद मैदान में उतर गए हैं और मैदानी अमला खंबों और ट्रांसफार्मर्स पर चढ़कर जंगली बेल, झाड़ियां और पक्षियों के घोंसले हटा रहा  हैं।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyumna Singh Tomar) ने शुक्रवार 18 जून को ग्वालियर में बिजली कंपनी के मुख्यालय मोतीझील परिसर में लगे हाई टेंशन लाइन (HT Line) के जिस ट्रांसफार्मर्स (Transformers) पर चढ़ी जंगली बेल, झाड़ियां और पक्षियों के घोंसले हटाए थे और कहा था कि ये सांकेतिक है, यदि मुझे प्रदेश में कहीं भी ट्रिपिंग (Tripping) मिली या ख़राब मेंटेनेंस (Maintenance) के कारण बिजली गुल हुई तो अधिकारियों को खैर नहीं हैं।  ऊर्जा मंत्री ने विभाग के प्रमुख सचिव से लेकर बिजली कंपनी के एमडी, वरिष्ठ अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि मैं मुझे शिकायत नहीं मिलना चाहिए।

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ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyumna Singh Tomar) की चेतावनी का असर जल्दी ही दिखाई दिया और प्रदेश में बिजली कंपनी के अधिकारी मेंटेंनेस कार्य में जुट गए।  वरिष्ठ अधिकारी एयर कंडीशन कमरों से बाहर निकली मैदानी अमले को खंबो और टांसफर्मर्स पर चढ़ाया और जंगली बेल, झाड़ियां और पक्षियों के घोंसले साफ़ करने में जुट गए। प्रदेश के ग्वालियर, भोपाल, उज्जैन और शहडोल संभागों के सभी जिलों में शनिवार से ही बिजली कंपनी के कर्मचारी अधिकारी साफ़ सफाई में जुट गए जिससे ट्रिपिंग और मेंटेनेस सही रूप से हो सके ।

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बिजली कंपनी के डीजीएम स्तर के अधिकारी फील्ड में मौजूद रह कर ट्रांसफार्मर की सफाई करा रहे हैं। बिजली कंपनी के अफसरों ने भरोसा दिलाया है कि सफाई का यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।  बहरहाल ऊर्जा मंत्री ने भले ही भारत के राजपत्र  में दिया कानून तोड़ा हो लेकिन उनकी चेतावनी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। हालाँकि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Energy Minister Pradyumna Singh Tomar) कह चुके हैं कि उन्होंने ये सांकेतिक किया था और यदि उनसे कानून टूटा है तो वे जुर्माना भी भरने के लिए तैयार हैं लेकिन ऊर्जा मंत्री की चेतावनी का असर निर्बाध बिजली सप्लाई में मिले तो ये जनता के लिए अच्छी बात होगी।

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