ट्रेन की चपेट में आए युवक का सिर 1300 किमी दूर बेंगलूूरु में मिला, यह है पूरा मामला

बेंगलुरु जीआरपी पुलिस कटे हुए सिर का फोटो लेकर पता लगाती हुई पहुंची बैतूल

बैतूल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के बैतूल (betul) जिले में एक रुह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहां ट्रेन की चपेट में आए एक युवक का धड़ बैतूल में तो सिर 1300 किमी दूर बेंगलूूरु (Bengaluru) में मिला है। बेंगलुरु जीआरपी पुलिस कटे हुए सिर का फोटो लेकर पता लगाती हुई बैतूल पहुंची, जिसके बाद युवक के परिजनों ने फोटो देखकर उसकी शिनाख्त अपने बेटे के रुप में की। युवक के परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वे बेंगलुरु नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में अब बेंगलुरु पुलिस ही कटे हुए सिर को दफनाएगी।

दरअसल मचाना पुल के पास बीते 3 अक्टूबर को एक युवक राजधानी एक्सप्रेस (Rajdhani Express) की चपेट में आ गया था। ट्रेन से कटकर युवक का शव रेलवे लाइन के आसपास फैल गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह युवक का क्षत विक्षत शव इकट्ठा किया, लेकिन मौके से उसका सिर नहीं मिला। इस कारण पुलिस को उसकी पहचान करने में मुश्किल हो रही थी। हालांकि चार अक्टूबर को परिजन युवक की तलाश करते हुए पुलिस के पास पहुंचे और उसके कपड़ों और उसकी छाती पर बने एक निशान से उसकी शिनाख्त रवि मरकाम के रूप में कर ली थी। शव के निशान और कपड़ों से उसकी शिनाख्त रवि के रूप में हो गई थी। पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था।

1300 किलोमीटर दूर बेंगलूूरु में मिला सिर
उधर घटनास्थल से 1300 किमी दूर जब ट्रेन बेंगलुरु पहुंची तो सफाई करने के दौरान सिर इंजन में फंसा हुआ मिला। उसका सिर इंजन के पिछले हिस्से में फंस कर बेंगलुरु तक पहुंच गया था। इंजन में युवक का सिर मिलने के बाद बेंगलुरु जीआरपी में हडक़ंप मच गया और एसआरपी कार्यालय ने इस रूट पर हुई दुर्घटना का ब्यौरा इक_ा करना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्हें बैतूल में घटना की जानकारी मिली। इसके बाद 12 अक्टूबर को जीआरपी बैंगलोर की टीम युवक के सिर का फ़ोटो लेकर यहां पहुंची। परिजनों ने फोटो देखकर सिर रवि का ही होने की पुष्टि की।

पुलिस करेगी अंतिम संस्कार
परिजनों का कहना है कि मृतक रवि नगर पालिका में काम करता था। वह पिछले कई दिनों से बेरोजगार था और संभवत: घटना वाले दिन घूमते हुए माचना पुल पहुंच गया होगा और ट्रेन की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। परिजनों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्होंने बेंगलुरु जाने में असमर्थता जताई है और सिर लेने से मना कर दिया है। ऐसे में अब बेंगलुरु पुलिस सिर को दफना कर अंतिम संस्कार करेगी।