सीएम की बैठक में विधायक को बुलाकर किया मना, कांग्रेस बोली- पता चल गया असली टाइगर कौन

शिवराज जी, संक्रमित तो आपके और गृहमंत्री जी के घर में भी हुये, क्या आप कहीं नहीं गये..? दरअसल ये सच्चाई से डर है, आपके भीतर बैठा सत्तालोभी अपराधी भयभीत है।  

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) की बैठक में कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक (Congress MLA Praveen Pathak) को बुलाकर फिर रोक देने को कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया है।  कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि शनिवार को हमारे विधायक को बैठक का आमंत्रण दिया फिर रविवार को इंकार कर दिया।  ये किसके इशारे पर हुआ ? किससे डर है ? पता चल गया कि असली टाइगर कौन है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ग्वालियर में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक ली।  बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया , चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी शामिल हुए।  गाइड लाइन के हिसाब से बैठक में ग्वालियर जिले के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया लेकिन ग्वालियर कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक (Congress MLA Praveen Pathak) के साथ ऐसा कुछ हुआ जिसपर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई है।  कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते  हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) पर निशाना साधा है।

दरअसल हुआ यूँ कि ग्वालियर जिला प्रशासन ने शनिवार को ग्वालियर की दक्षिण विधानसभा के कांग्रेस विधायक एवं ग्वालियर जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्य प्रवीण पाठक (Congress MLA Praveen Pathak) को मुख्यमंत्री के साथ रविवार को आयोजित होने वाली कोरोना समीक्षा बैठक के लिए आमंत्रित किया। लेकिन रविवार को सुबह कलेक्टर ने फोन कर विधायक प्रवीण पाठक (Congress MLA Praveen Pathak) को  बैठक में ये कहते हुए शामिल होने से रोक दिया कि आपके परिजन कोरोना पॉजिटिव हैं जबकि विधायक ने उन्हें बताया कि वे उनसे अलग रहते हैं फिर भी कलेक्टर ने उन्हें इंकार कर दिया।

विधायक को मुख्यमंत्री की कोरोना समीक्षा बैठक में शामिल होने से रोकने को कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया।  आपत्ति जताते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश प्रवक्ता केके मिश्रा (KK Mishra) ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री से सवाल किया।  उन्होंने लिखा – मुख्यमंत्री शिवराज जी, ग्वालियर में कोरोना समीक्षा बैठक में शनिवार रात प्रशासन ने कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक को भी आमंत्रित किया, आज उनके परिजनों के पॉजिटिव होने का बहाना बनाकर उन्हें बैठक में न आने का कह दिया।  यह किसके कहने पर हुआ? डर किससे है? स्पष्ट है असली टाइगर कौन है?

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कांग्रेस के एक और प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा (Narendra Saluja) ने भी ट्वीट करते हुए लिखा  – मुख्यमंत्री के ग्वालियर दौरे के दौरान आज बैठक में मुखर विधायक प्रवीण पाठक को बैठक में आने से रोक दिया गया , कारण परिजनो का संक्रमित होना बताया गया। ख़ुद मुख्यमंत्री से लेकर तमाम भाजपा नेताओ के परिजन संक्रमित हुए तो उन्हें कब बैठकों – कार्यक्रमों में आने से रोका गया ?

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उधर एमपी कांग्रेस (MP Congress) ने अपने ट्विटर एकाउंट पर “जंगलराज” लिखते हुए लिखा – ग्वालियर विधायक प्रवीण पाठक को आज मुख्यमंत्री की बैठक में यह कहकर आने से रोक दिया कि आपके घर में संक्रमित हैं। शिवराज जी, संक्रमित तो आपके और गृहमंत्री जी के घर में भी हुये, क्या आप कहीं नहीं गये..? दरअसल ये सच्चाई से डर है, आपके भीतर बैठा सत्तालोभी अपराधी भयभीत है।

बहरहाल मुख्यमंत्री ग्वालियर आये और बैठक कर चले गए, लेकिन कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक को बैठक में शामिल नहीं कर कांग्रेस को एक मुद्दा दे गए। कांग्रेस ने बिना नाम लिए टाइगर कहते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधा और प्रवीण पाठक को उनके सामने ताकतवर दिखाने  की कोशिश भी की।  कुल मिलाकर बैठक में कोरोना कर्फ्यू की अवधि 30 मई तक बढ़ने का फैसला हो गया और प्रवीण पाठक का मुद्दा राजनैतिक गलियारों की चर्चा बन गया।