बंगाल की खाड़ी में फिर सक्रिय हुआ सिस्टम, प्रदेश के इन जिलों में बारिश के आसार

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। फिजाओं में ठंडक घुलने के साथ ही राते सर्द होने लगी है। राजधानी भोपाल में शुक्रवार की रात से मौसम में गिरावट दर्ज की गई।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश I(madhya pradesh) में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। फिजाओं में ठंडक घुलने के साथ ही राते सर्द होने लगी है। राजधानी भोपाल (bhopal) में शुक्रवार की रात से मौसम में गिरावट दर्ज की गई। शाम ढलने के बाद तीन घंटे के अंदर पारा 7.2 डिग्री तक लुढक़ा। वही प्रदेश में सबसे कम तापमान उज्जैन (ujjain) का दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान (Minimum temperature) 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम शुष्क रहा। अधिकतम तापमानों में सभी संभागों के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। रीवा (rewa), शहडोल (Shahdol), सागर (sagar), ग्वालियर संभागों के जिलों में सामान्य से अधिक तथा शेष संभागों में जिलों में सामान्य रहे। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस नौगॉव, दमोह, दतिया में दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान उज्जैन संभाग के जिलों में काफी गिरे शेष संभागों के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। वे रीवा, इंदौर (indore), उज्जैन संभागों के जिलों में सामान्य तथा शेष संभागों के जिलों में सामान्य से अधिक रहे।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने जानकारी देते हुए बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण अरब सागर से नमी आ रही थी। इसलिए हवा का रुख पूर्वी बना हुआ था। इसी वजह से बादल छाए हुए थे और यही कारण है कि रात में पारा नहीं गिर रहा था। लेकिन अब प्रदेश से बादल पूरी तरह से छट चुके है और आसमान साफ हो गया है। इसके साथ ही रात के वक्त हवा का रुख भी बदल चुका है जिसके चलते तापमान तेजी से लुढक़ा है। आने वाले दिनों में तापमान में और ज्यादा गिरावट आ सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के हिमालय के ऊपर से गुजरने पर अंचल में फिर से बादल छा सकते हैं।

ग्वालियर- चंबल संभाग में बारिश की संभावना
हालांकि बंगाल की खाड़ी में अति कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। अफगानिस्तान से होते हुए एक पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है। पश्चिमी विक्षोभ की बंगाली खाड़ी के सिस्टम की वजह से गति धीमी हो गई है। कम दवाब का क्षेत्र पूर्वोत्तर राज्यों की ओर बढ़ेगा, उसी दौरान पश्चिमी विक्षोभ हिमालय से गुजरेगा। इस वजह से अंचल के मौसम में बदलाव आएगा। इसके कारण 25 व 26 अक्टूबर को मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी में बारिश के आसार बन सकते हैं, लेकिन ग्वालियर में बादल छाने के आसार रहेंगे। बादल छाने पर रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। जब आसमान साफ होगा, उसके बाद ग्वालियर में फिर से तापमान में गिरवाट आएगी। शेष जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।