गुमटी संचालक के इस तरीके ने छुड़ाएं चोरों के पसीने, गुमटी वाले की हो रही प्रशंसा

आमतौर पर चोर आए दिन दुकानों में चोरियों की वारदात को अंजाम देते रहते हैं। बड़ी दुकानों में तो सीसीटीवी कैमरे और तमाम सुरक्षा के इंतजाम होते है लेकिन छोटी दुकानों और गुमटियां संचालित करने वालों के लिए उनकी दुकान की सुरक्षा ताले के भरोसे ही होती है।

विदिशा, डेस्क रिपोर्ट। आमतौर पर चोर आए दिन दुकानों में चोरियों की वारदात को अंजाम देते रहते हैं। बड़ी दुकानों में तो सीसीटीवी कैमरे (cctv camera) और तमाम सुरक्षा के इंतजाम होते है लेकिन छोटी दुकानों और गुमटियां संचालित करने वालों के लिए उनकी दुकान की सुरक्षा ताले के भरोसे ही होती है। अब ऐसे में भी अगर चोर रोज आपकी गुमटी के ताले चटकाए तो कोई भला क्या करें, लेकिन विदिशा (vidisha) जिले के गंजबासौदा (ganjbasoda) में एक गुमटी संचालक ने अपनी दुकान में लगातार हो रही चोरी की घटना को रोकने के लिए जो तरीका अपनाया, उससे चोरों को भी हार माननी पड़ी और अब हर कोई उसके इस जुगाड़ की तारीफ कर रहा है।

दरअसल गंजबासौदा शहर के बरेठ रोड पर विश्वकर्मा मंदिर के पास 30 साल का महेश अहिरवार एक छोटी सी गुमटी संचालित करता है। महेश अपने परिवार का पालन पोषण इसी गुमटी के भरोसे करता है, लेकिन पिछले कुछ समय से उसकी गुमटी चोरों के निशाने पर आ गई थी। चोर बार बार महेश की गुमटी का ताला तोडक़र उसमें रखा सामान और नगद चुरा कर ले जा रहे थे। महेश अहिरवार के मुताबिक चोरों ने करीब 9 बार उसकी गुमटी पर धावा बोला और ताला चटका कर नगदी समेत अंदर रखा सामान चुरा कर ले गए। लगातार चोरियों से परेशान होकर महेश ने गुमटी में सामान रखना तो बंद कर दिया लेकिन जब वो रात में ताला लगाकर जाता तो सुबह वह ताला फिर टूटा हुआ मिलता। बार बार ताला टूटने और उसे खरीदने में होने वाले खर्चे से बचने के लिए महेश ने नया तरीका निकाला। उसने अपनी गुमटी को बंद करने के लिए ताले की जगह नट-बोल्ट का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और उसका परिणाम भी देखने को मिला।

नट-बोल्ट खोलने के लिए चोरों के पास नहीं औजार
महेश की माने तो गुमटी को नट बोल्ट से बंद करे के बाद से उसकी दुकान में एक बार भी चोरी नहीं हुई। उसने बताया कि चोर रॉड से गुमटी में लगे ताले को तो तोड़ लेते थे लेकिन नट-बोल्ट खोलने के लिए उन्हें औजारों की जरूरत पड़ेगी जो कि चोरों के पास नहीं होते। ऐसे में जब से उसने यह तरीका अपनाया है तब से उसकी गुमठी में चोरी होना बंद हो गया है। महेश के इस अनोखे तरीके की तारीफ आसपास के दुकानदार और गुमटी संचालक खूब कर रहे हैं और अब वे भी इस तरीके को अपनाने की तैयारी कर रहे हैं।