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टीकमगढ़। आमिर खान। 

कहते हैं न कि जब लोग अंधविश्वास पर भरोसा करने लगें तो उन्हें कुछ दिखाई नहीं देता और वह किसी भी हद तक चले जाते हैं। ऐसा हुआ टीकमगढ़ जिले के ग्राम मलगुवां में जंहा एक मौसेरे भाई ने अपने मौसेरे भाई को दो साथियों के साथ मिलकर अंधविश्वास के शक में मौत के घाट उतार दिया। पूरे मामले का खुलासा टीकमगढ़ पुलिस कप्तान अनुराग सुजानिया ने पुलिस कंट्रोल रूम में मीडिया के सामने किया। 

पुलिस कप्तान ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कल दिनांक 20 अप्रैल को सुबह से कुड़ीला थाने में ग्राम मलगुवां गांव के सरपंच ने सूचना दी कि गांव के पास बनी पुलिया में एक युवक का शव पड़ा है। सूचना के तत्काल बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जब मौके का पुलिस ने जायजा लिया तो देखा कि वंहा एक युवक का शव पड़ा हुआ है और उसका मुंह पत्थर से कुचला है साथ ही उसके गले को भी रेता गया। मुंह पत्थर से कुचले होने के चलते उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई। फिर पुलिस की एक टीम गठित की गई, जिसमें टीकमगढ़ एसडीओपी सुरेश शेजवाल को प्रमुख बनाकर पूरे मामले की तफ्तीश करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बड़ी गंभीरता से मामले को लेकर अपनी तफ्तीश शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने यह पता लगा लिया कि मृतक नब्बू अहिरवार जतारा थाने के गुड़ा गांव का रहने वाला है और वह मलगुवां गांव के शादी समारोह में शामिल होने गया था। पुलिस ने जैसे ही अपनी तफ्तीश आगे बढ़ाई तो और भी खुलासे होते चले गए। अंततः पुलिस ने इस हत्या की मिस्ट्री से पर्दा उठा ही दिया। मृतक नब्बू की हत्या का खेल पहले से ही रचा जा चुका था। यह खेल किसी और ने नहीं बल्कि उसके मौसेरे भाई प्यारेलाल अहिरवार ने रचा। मुख्य आरोपी प्यारेलाल और मृतक नब्बू का जमीनी विवाद चलता था, जिसको लेकर पहले भी कहासुनी हो चुकी थी। आरोपी प्यारेलाल को यह शक था कि मृतक नब्बू उसके परिवार के ऊपर जादू-टोना करा रहा है। प्यारेलाल का यह मानना था कि उसके माता-पिता की मौत भी मृतक द्वारा कराए गए जादू-टोने से हुई है। इसी के चलते वह पहले से ही यह सोचकर बैठा था कि नब्बू को मौका मिलते ही मौत की नींद सुला देंगे। हुआ यही की मृतक नब्बू मलगुवां गांव में शादी में जा रहा था उसी दौरान रास्ते में बनी पुलिया पर आरोपी प्यारेलाल  ने अपने अन्य दो साथियों अरविन्द अहिरवार और बिटोली अहिरवार के साथ मिलकर नब्बू अहिरवार की नृशंश हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों में भेज दिया है। 

हत्या करने के बाद आरोपी हुए शादी में शामिल

नब्बू की हत्या करने के बाद तीनों आरोपी पहले जतारा गए जंहा उन्होंने जतारा के तालाब में मृतक का मोबाइल फेंका। इसके बाद वह फिर मलगुवां गांव आये और वंहा जिस शादी समारोह में मृतक नब्बू को शामिल होना था, वंहा वह शामिल हुए, जिससे कि इन पर कोई शक न कर सके। फ़िलहाल शायद इन्हें यह नहीं पता था कि कानून से ज्यादा लम्बे हाथ किसी ने नहीं होते। अंततः पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।