‘कोरोना से बचने औ बचाउने, सबई जनन को टीका लगवाऊने’, वैक्सीन जागरुकता फैला रहे लोककलाकार

निवाड़ी पुलिस के पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार सिंह के द्वारा शत प्रतिशत वैक्सीनेशन के लिए इन ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसमे बुंदेली लोक कलाकारों के माध्यम से वैक्सीन से होने वाले फायदों के बारे में लोगों को गांव गांव जाकर जागरूक किया जा रहा है।

कोरोना

निवाड़ी, मयंक दुबे। बुन्देलखण्ड (bundelkhand) में कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए अनोखा तरीका निकाला गया है। बुन्देलखण्ड के ग्रामीण इलाकों में अशिक्षा (lack of education) व जागरूकता की कमी के चलते लोगों में कोरोना वैक्सीन को लेकर अलग-अलग तरह की भ्रांतियां (rumours) हैं। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में ऐसा ज्यादा देखा जा रहा है। ऐसे में कई स्थानों पर कोरोना से लड़ाई के इस कारगर हथियार वैक्सीन का नाम सुन लोग आगबबूला हो जाते है और इसका विरोध करने लगते हैं। सोशल मीडिया (social media) पर इस तरह के वीडियो कुछ दिनों पूर्व वायरल भी हो चुके हैं। जिसके बाद अब निवाड़ी पुलिस के पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार सिंह के द्वारा शत प्रतिशत वैक्सीनेशन के लिए इन ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसमे बुंदेली लोक कलाकारों के माध्यम से वैक्सीन से होने वाले फायदों के बारे में लोगों को गांव गांव जाकर जागरूक किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें… MPPSC: आयोग ने जारी किया नोटिफिकेशन, 727 पदों के लिए इस दिन होगा इंटरव्यू, ये होंगे नियम

ढोलक की थाप और मंजीरे की झंकार के बीच बुंदेली लोकगीतों को सड़कों पर गाते-गुनगुनाते यह लोक कलाकार लोगों को वैक्सीनेशन कराने, मास्क पहनने की बुंदेली लोकगीतों के माध्यम से सीख दे हैं।  यह सीख बुंदेली लोक गीतों के माध्यम से इसलिए है क्योंकि यही वह माध्यम व भाषा है जो बुंदेलखंड के ग्रामीण अंचलों के लोगों की लोक भाषा है और उन्हें जागरूक करने में यह बेहद प्रभावी भी होगी।  जिसके बाद ग्रामीण अंचलों में वैक्सीनेशन के हो रहे विरोध के बाद पुलिस ने यह फैसला किया कि वह इन ग्रामीणों की सरल और सहज भाषा में जिसे बुंदेली कहा जाता है, इस टीके के फायदे बताएंगे।

यह भी पढ़ें… कोरोना कर्फ्यू पर बोले सीएम शिवराज- एरिया स्पेसिफिक को बनाएं टारगेट, मंत्री-प्रभारियों को निर्देश

यह बुंदेली लोकगीत पृथ्वीपुर एसडीओपी संतोष पटेल द्वारा लिखे गए है। जिसे वह गांव-गांव गुनगुनाते भी नजर आ रहे हैं। उनके साथ बुंदेली लोक कलाकार जो लोकगीत एवं राई गाते है वह साथ है। इस पूरे अभियान में लोककलाकार पप्पू यादव बेधड़क ने अपने स्वर से, रानू करण ढोलक की थाप से छन्दी ने नगड़िया की आवाज से व काशीराम ने झींका व बेंजो के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की कोशिश की है । वह लोकगीत गाते हुए गाँव गाँव कह रहे है- कोरोना से बचने औ बचाउने, सबई जनन को टीका लगवाऊने। गौरतलब है कि जिले के गाँव लुहुरगुवां जो कि  कोरोना के रेड जोन में था और वहां कोरोना काल में वैक्सीन का विरोध करने के कारण दो लोगों पर एफआईआर भी हो चुकी हैं, जिले के इसी गांव अभियान की शुरुआत की गयी है।