ओरछा। मयंक दुबे।

मध्य प्रदेश में एंटी माफिया अभियान सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। लेकिन ओरछा में प्रशासन माफियों पर कार्रवाई करने में हिचकता नज़र आ रहा है। यही कारण है कि तालब को दबंगे के कब्ज़े से मुक्त कराने के लिए महिलाएं हाड़ कंपाने वाली ठेंड में तालाब में जल सत्यग्रह करने पर मजबूर हो गईं हैं। 

दरअसल, पिछले 8 दिन से ठंड में महिला समूह की सदस्य अपनी बात जिला प्रशासन के सामने रख रहे थे लेकिन जब किसी ने सुध नहीं ली तो वह जल सत्याग्रह ग्रह का सहारा ले रही हैं। जिले के सिमरा गॉव में मछुआ स्वसहायता समूह की महिलाओं का जल सत्याग्रह पर है।  क्योकि उनका आरोप है कि वह जिस तालाब से अपनी रोजी रोटी कमाती थीं अब वहां दबंगों के चलते  मछली पालन न कर पाने से परेशान है। 3 वर्ष के लिए पंचायत ने इन्हें यह तालाब दिया था। लेकिन दबंग अब उन्हें तालाब में बीज नहीं डालने दे रहे हैं।

वही, प्रशासन का इस पूरे मामले पर  कहना है कि यह दो स्वसहायता समूह के बीच का विवाद है मत्स्य विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले की जांच कर रहे है।। ऐसे में मामला चाहे दो स्वसहायता समूह के बीच विवाद का ही क्यों न हो पर प्रशासन को इस कड़कती ठंड में पानी मे रहकर सत्याग्रह करने के लिए मजबूर लोगो की पीड़ा समझ उन्हे न्याय दिलाने के लिए जल्द  कार्यवाही की आवश्यकता है।।