जब गाजे बाजे के साथ अदालत पहुंचे भगवान

ओरछा| मयंक दुबे| कोर्ट की पेशी पर आम लोग तो रोज ही जाते है पर जब भगवान को कोर्ट का आमंत्रण मिला तो पुजारी और भक्त उन्हें गाजे बाजे से साथ लेकर पहुँचे|  मामला कुछ यूं हुआ कि निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर कस्बे के प्राचीन बिहारी मंदिर से प्राचीन राधा कृष्ण की मूर्तियां 14 ।1।2009 को चोरी हो गई थी जो 7 दिन बाद 21।1।2009 को सुरक्षित बरामद हो गई| पुलिस ने इसमें चार लोगों को चोरी के मामले में आरोपी बनाया जिससे रुब्बी सेन,आनंद पटैरिया, मंगल खंगार ,नीरज खरे शामिल थे| 

कुछ दिनों बाद कोर्ट के आदेश पर राधा कृष्ण की प्रतिमाओं को मन्दिर के पुजारी के सुपुर्द कर दिया गया था और फिर से मन्दिर में बिहारी जी को मन्दिर में विराजमान कर दिया गया था पूजा अर्चना भी शुरू हो गई थी, लेकिन अदालत की रूटीन प्रक्रिया के तहत जैसा कि हर मामले में होता है इन मूर्तिया का एक बार फिर सत्यापन किये जाने के लिए की यह वही मूर्ति है उसके लिए पुजारी को कोर्ट ने पत्र भेजा गया कि वह सुपुर्द सामान समेत कोर्ट में पेश हो ताकि सत्यापन हो सके| यह अदालत की हर मामले में एक सामान्य प्रक्रिया होती है| जब पुजारी ने यह बात सभी भक्तों को बताई तो सभी ने निर्णय लिया कि वे अपने बिहारी जी को राधा रानी के साथ कोर्ट में पेशी के लिए ले जाएंगे और फिर पुजारी और भक्त गाजे बाजे के साथ अपने आराध्य को कोर्ट में पेशी पर लेकर पहुँचे। जिला अभियोजन अधिकारी ने  विकास गर्ग इस पूरे मामले में बताया यह न्यायलय की सतत प्रक्रिया है आरोपी न बच सके इसके लिए मूर्तियों का सत्यापन किया गया है ।।