तानसेन संगीत समारोह की पारंपरिक शुरुआत, शाम को सीएम शिवराज करेंगे शुभारंभ

तानसेन संगीर समारोह में कुल 9 संगीत सभाएं होंगी।

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठापूर्ण महोत्सव “तानसेन संगीत समारोह”(Tansen Sangeet Samaroh) की शनिवार की सुबह पारंपरिक ढंग से शुरुआत हुई। ग्वालियर के हजीरा क्षेत्र में स्थित तानसेन समाधि स्थल पर शहनाई वादन, हरिकथा, मिलाद, चादरपोशी और कव्वाली गायन हुआ। सुर सम्राट तानसेन की स्मृति में पिछले 96 वर्ष से आयोजित हो रहे तानसेन समारोह में देश और दुनियाँ के ब्राम्हनाद के शीर्षस्थ साधक तानसेन समाधि परिसर से गान मनीषी तानसेन को स्वरांजलि अर्पित करने आए हैं। समारोह का औपचारिक भव्य शुभारंभ आज शाम 6 बजे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करेंगे।

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तानसेन समाधि स्थल पर परंपरागत ढंग से रविवार को सुबह उस्ताद मजीद खाँ एवं साथियों ने रागमय शहनाई वादन किया। इसके बाद ढोलीबुआ महाराज नाथपंथी संत श्रीसच्चिदानंद नाथ  ने संगीतमय आध्यात्मिक प्रवचन देते हुए ईश्वर और मनुष्य के रिश्तों को उजागर किया। उनके प्रवचन का सार था कि परहित से बढ़कर कोई धर्म नहीं। अल्लाह और ईश्वर, राम और रहीम, कृष्ण और करीम, खुदा और देव सब एक हैं। हर मनुष्य में ईश्वर विद्यमान है। हम सब ईश्वर की सन्तान है तथा ईश्वर के अंश भी हैं। उन्होंने कहा कि रोजा और व्रत, मुल्ला और पण्डित, ख्वाजा और आचार्य के उद्देश्य व मत एक ही है कि सभी नेकी के मार्ग पर चलें। ढोली बुआ महाराज द्वारा राग “मिश्र खमाज” में प्रस्तुत भजन के बोल थे “भज भज राधे गोविंदा” । उन्होंने प्रिय भजन “रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम” का गायन भी किया।

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ढोलीबुआ महाराज की हरिकथा के बाद मुस्लिम समुदाय से मौलाना इकबाल लश्कर कादिरी ने इस्लामी कायदे के अनुसार मिलाद शरीफ की तकरीर सुनाई। उन्होंने कहा सबसे बड़ी भक्ति मोहब्बत है। उनके द्वारा प्रस्तुत कलाम के बोल थे ” तू ही जलवानुमा है मैं नहीं हूँ”। अंत में हजरत मौहम्मद गौस व तानसेन की मजार पर राज्य सरकार की ओर से सैयद जियाउल हसन सज्जादा नसीन द्वारा परंपरागत ढंग से चादरपोशी की गई। इससे पहले जनाब फरीद खानूनी, जनाब भोलू झनकार, जनाब आरिफ अली, जनाब अल्लाह रक्खा एवं उनके साथी कब्बाली गाते हुये चादर लेकर पहुंचे। कव्वाली के बोल थे ”खास दरबार-ए-मौहम्मद से ये आई चादर”।

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तानसेन संगीत समारोह का औपचारिक शुभारंभ शाम को हजीरा स्थित तानसेन समाधि स्थल पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे।  समारोह में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश की संस्कृति मंत्री श्रीमती ऊषा ठाकुर करेंगीं।शुभारंभ समारोह में जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, विधायकगण लाखन सिंह यादव, प्रवीण पाठक, सतीश सिकरवार और सुरेश राजे विशिष्टि अतिथि के रूप में आमंत्रित किए गए हैं।

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कुल 9 संगीत सभाएँ होंगी

राज्य शासन के संस्कृति विभाग एवं उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी के तत्वावधान में “तानसेन समारोह” इस बार 25 से 30 दिसम्बर तक आयोजित हो रहा है। तानसेन समारोह में कुल 9 संगीत सभायें होंगी। पहली सात सभायें तानसेन समाधि स्थल पर सजेंगी। आठवीं संगीत सभा 30 दिसम्बर को प्रात: तानसेन की जन्म स्थली मुरार जनपद पंचायत के ग्राम बेहट में झिलमिल नदी के किनारे सजेगी। अंतिम सभा का आयोजन इस दिन सांयकाल गूजरी महल परिसर में होगा।