शराब माफियाओं के खिलाफ आदिवासियों ने खोला मोर्चा, हाईवे पर किया चक्काजाम

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में बुधवार सुबह आदिवासियों ने सलापुर इलाके में स्थित एक शराब ठेके पर पहुंचकर जमकर तोडफ़ोड़ की। आक्रोशित आदिवासियों ने दुकान पर पथराव करने के बाद उसमें आग भी लगा दी।

श्योपुर, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के श्योपुर (seopur) जिले में बुधवार सुबह आदिवासियों ने सलापुर इलाके में स्थित एक शराब ठेके पर पहुंचकर जमकर तोडफ़ोड़ की। आक्रोशित आदिवासियों ने दुकान पर पथराव करने के बाद उसमें आग भी लगा दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आदिवासियों को शांत करने का प्रयास किया लेकिन वे नही माने और हंगामा करते रहें। मौके पर मौजूद पुलिस- प्रशासन के अधिकारी अब भी उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि हंगामा कर रहे लोग शांत होने का नाम नहीं ले रहे हैं और श्योपुर- पाली- राजस्थान हाइवे पर चक्काजाम कर दिया है।

दरअसल मंगलवार रात को सलापुर इलाके में स्थित शराब ठेके पर विवाद के बाद शराब माफियाओं ने आदिवासियों की बस्ती में घुसकर हमला किया था। शराब माफियाओं द्वारा पत्थर और लाठियों से किए गए हमले में बस्ती में रहने वाले रमेश आदिवासी, उसकी पत्नी कलावती बाई और एक अन्य कन्या बाई बुरी तरह से घायल हो गई थी। तीनों को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद शराब माफियाओं के इस हमले से आक्रोशित आदिवासी समाज ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया और रात में ही शराब ठेके पर पहुंचकर तोडफ़ोड़ शुरू कर दी थी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर सभी को शांत करवाया। लेकिन नाराज समाज के लोगों ने बुधवार सुबह छह बजे से एक बार फिर चक्काजाम लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया।

ठेके में लगाई आग, कार्यवाई की मांग पर अड़े

आक्रोशित आदिवासीयों ने ठेके में आग लगा दी और जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह आग पर काबू पाया और लोगों को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन नाराज भीड़ शराब माफियाओं के खिलाफ कार्यवाई की मांग पर अड़े हुए है और पुलिस की मौजूदगी में दुकान पर पथराव कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी लगातार समझाइश देकर मामले को शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आदिवासी समाज के लोग किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है और श्योपुर- पाली- राजस्थान हाइवे पर चक्काजाम लगाकर हंगामा कर रहे हैं।