Ujjain News : रेप के आरोपी आरक्षक को बचाने दिया DNA सैंपल, SP ने किया सस्पेंड

इस दौरान अजय ने चालाकी की और अस्पताल में अपनी जगह उसके साथी कॉन्स्टेबल ने पहचान छिपाते हुए ब्लड और स्पर्म का सैंपल दे दिया। क्योंकि अजय के शुक्राणु, ब्लड सैंपल (Sperm and blood sample) और पीड़ित के वेजाइनल स्वैब की स्लाइड फोरेंसिक लैब भोपाल भेजी जाती, जहां दोनों के डीएनए प्रोफाइल का मिलान होता, जिसमें यह साबित हो जाता कि अजय ने युवती के साथ शारीरिक संबंध (Physical Relation) बनाए थे।

उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन जिले (Ujjain District) में एक आरक्षक को रेप के आरोपी कॉन्स्टेबल को DNA जांच के लिए अपना स्पर्म और ब्लड सैंपल देने महंगा पड़ गया। इस मामले की जानकारी लगते ही उज्जैन पुलिस अधीक्षक (Ujjain SP) ने आरक्षक को निलंबित (Suspended) कर दिया है। इतना ही नही अब पुलिस ने सहयोगी आरक्षक को भी गिरफ्तार कर आरोपी बनाया है।

दरअसल, मामला उज्जैन जिले के नीलगंगा थाना क्षेत्र का है, यहां अशोक नगर कॉलोनी निवासी एक युवती ने पुलिस लाइन में आरक्षक के तौर पर पदस्थ अजय अस्तेय (Ajay Astey) पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। युवती का आरोप है कि आरक्षक ने उसे शादी का झांसा देकर 3 साल तक दुष्कर्म (Rape) किया, जबकी 4 दिसंबर को अजय ने किसी अन्य लड़की से सगाई कर ली। युवती की शिकायत पर केस दर्ज होने के कुछ ही घंटे बाद अजय को नागझिरी में शादी समारोह से लौटते समय गिरफ्तार  (arrest) कर लिया था। इसके बाद 5 दिसंबर (December) को पुलिस अजय को मेडिकल कराने जिला अस्पताल ले गई और फिर भेज दिया।

इस दौरान अजय ने चालाकी की और अस्पताल में अपनी जगह उसके साथी कॉन्स्टेबल ने पहचान छिपाते हुए ब्लड और स्पर्म का सैंपल दे दिया। क्योंकि अजय के शुक्राणु, ब्लड सैंपल (Sperm and blood sample) और पीड़ित के वेजाइनल स्वैब की स्लाइड फोरेंसिक लैब भोपाल भेजी जाती, जहां दोनों के डीएनए प्रोफाइल का मिलान होता, जिसमें यह साबित हो जाता कि अजय ने युवती के साथ शारीरिक संबंध (Physical Relation) बनाए थे। अगर यह प्रोफाइल मैच नहीं करता तो पुलिस कोर्ट में यह साबित करने में फेल हो जाती कि अजय ने युवती के साथ रेप किया है। लिहाजा सबूतों के अभाव में आरोपी अजय अदालत में बच जाता। लेकिन अस्पताल के एक स्वास्थ्यकर्मी को इस साजिश का पता चल गया। उसने अपने वरिष्ठ अधिकारी को इसकी जानकारी दी। बाद में पुलिस उच्चाधिकारियों को भी बताया।इस मामले की जानकारी लगते ही पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने सहयोगी आरक्षक को निलंबित कर दिया है। सहयोगी आरक्षक को भी गिरफ्तार कर आरोपी बनाया गया है। आरोपी अजय पर 376 का मामला दर्ज किया था उसी में अब इन तीनों को भी आरोपी बना कर आगे की कार्यवाई की जा रही है। वही एक सब इंस्पेक्टर की निगरानी में आरोपी का फिर से मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद सेंट्रल जेल भैरवगढ़ (Central Jail Bhairavgarh)भेजा गया।फिलहाल पुलिस (Ujjain Police) मामले की जांच कर रही है औऱ रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।