कमलनाथ जी, आप कार्ड से फोटो तो हटा दोगे लेकिन जनता के दिलों से शिवराज को कैसे हटाओगे

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Kamal-Nath

उज्जैन।

बीते दिनों कमलनाथ सरकार ने चुनाव से पहले शिवराज सरकार द्वारा शुरु की गई मुख्यमंत्री कल्यान योजना(संबल) के ब्रोशर और पंजीयन कार्ड वितरण पर रोक लगा दी थी,क्योंकि इन पर शिवराज का फोटो लगा था।इसको लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री शिवरजा ने कमलनाथ सरकार पर जमकर हमला बोला है।  शिवराज ने कहा है कि कमलनाथ जी, आप कार्ड से फोटो तो हटा दोगे परंतु प्रदेश की करोड़ों जनता के दिलों में शिवराज की जो फोटो है, उसे कैसे हटाओगे।

दरअसल, बुधवार को शिवराज उज्जैन में पाले और ठंड से बर्बाद हुई फसलों को देखने पहुंचे थे। यहां उन्होंने किसानों से इस विषय में चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनी।  मीडिया से चर्चा के दौरान शिवराज ने कहा कि कमलनाथ सरकार किसानों के मामले में संवेदनशीलता बरतते हुए तुरंत पाला प्रभावित फसलों की क्षति का आकलन कराए। नुकसान के हिसाब से किसानों को तुरंत राहत प्रदान करने का कार्य करे। उन्होंने कहा कि अन्यथा भारतीय जनता पार्टी किसानों के हितों की लड़ाई सड़कों पर भी लड़ेगी। श्री चौहान ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वो अपने आप को अकेला ना समझें, पूरी भाजपा के साथ शिवराज आपके लिए खड़ा है। उन्होंने कहा कि पहले हम कलम की ताकत से आदेश देकर राहत पहुँचाने का काम करते थेए  अब हम संघर्ष कर के किसान भाइयों को राहत दिलाने का काम करेंगे।

वही उन्होंने संबल योजना के कार्डों से उनका फोटो हटाए जाने को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधा और कहा कि लोकतांत्रिक प्रणाली में सरकारें बदलती रहती हैं, परंतु योजना नहीं बदलतीं। लेकिन प्रदेश सरकार दुर्भावना से ग्रसित होकर भाजपा सरकार द्वारा गरीबों के लिए शुरू की गयी संबल योजना का लाभ भी पात्र लोगों तक नहीं पहुंचा रही है। उन्हें संबल योजना के कार्डों पर छपे शिवराज के फोटो से तकलीफ है।

शिवराज सरकार ने खर्च किए थे 18 करोड़ रुपये खर्च

बता दें मध्य प्रदेश की पूर्व भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जून 2018 में मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना शुरू की थी, जिसके तहत श्रम विभाग ने राज्य के सभी जिलों में कामकाजी और असंगठित मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया था। जिसके बाद जिन मजदूरों का रजिस्ट्रेशन कराया गया था उन्हें ये कार्ड जनपद पंचायत के माध्यम से जुलाई में बांटे गए थे। इन कार्डों की छपाई पर सरकार ने करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए थे। प्रत्येक मजदूर के कार्ड पर 10 रुपये का खर्च आया था। वहीं 6 अक्टूबर से आचार संहिता लगने के बाद से कार्ड बांटने पर रोक लग गई, जिसके बाद कई कार्ड नहीं बांटे जा सके। जिसके बाद अब राज्य की कांग्रेस सरकार ने पूर्व सीएम की फोटो के चलते इन कार्डों को निरस्त कर दिया है, जिसके चलते अब ये कार्ड बेकार हो गए हैं। मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मुताबिक मजदूरों को अब नए कार्ड दिए जाएंगे, जिसमें किसी की फोटो नहीं होगी।। बताया जा रहा है कि इन परिचय पत्रों पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज की फोटो लगी हुई है, जिससे लोगों के बीच यह मैसेज जा रहा था  कि यह योजना भाजपा सरकार की है, लेकिन अब सरकार बदल चुकी है, इसी के चलते यह कदम उठाया गया था। 

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