उज्जैन/अर्पण कुमार

कोरोना वायरस से साथ में लड़ने और उसे हराने के संकल्प को लेकर शासन प्रशासन और देशवासी एक दिखाई दे रहे हैं लेकिन इस बीच उज्जैन के आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज से जो तस्वीरें सामने आई है वह शर्मसार और हैरान कर देने वाली है। यहां इलाज में देरी होने से एक महिला की मौत हो गई। महिला अस्पताल तक पहुंच चुकी थी लेकिन आईसीयू के गेट पर पड़े ताले के कारण इलाज नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई।

मामला उज्जैन का है जहां 55 वर्षीय लक्ष्मी बाई को सांस लेने में तकलीफ और ब्लड प्रेशर बढ़ा होने के कारण पहले परिवार वाले माधव नगर अस्पताल लेकर गए जहां पर महिला को भर्ती कर लिया गया यहीं से देर रात कोरोना संक्रमण के संदेह होने के चलते अगली सुबह लक्ष्मी बाई को आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। लेकिन इस अस्पताल में आईसीयू के गेट पर ताला लगा मिला। इधर करीब आधे घंटे तक महिला बिना वेंटिलेटर के एंबुलेंस में ही तड़पती रही, अस्पताल पहुंचने के बावजूद उन्हें कोई इलाज नहीं मिला और वो अपनी आखरी सांसे गिनती रही। महिला के परिजन आईसीयू खुलने का इंतजार करते रहे इधर मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने आईसीयू के ताले को तोड़कर दरवाजा खोला और महिला का इलाज शुरू किया लेकिन इस बीच ही समय पर इलाज नहीं मिलने के करण महिला ने दम तोड़ दिया।

इस मामले की खबर लगने के बाद उज्जैन कलेक्टर शशांक मिश्रा कार्रवाई करते हुए माधव नगर अस्पताल प्रभारी डॉ महेश परमट और सिविल सर्जन डॉक्टर आरपी परमार को हटा दिया है। वंही सीएमएचओ अनुसिया गवली ने अस्पताल प्रबंधन पर भी कार्यवाही की बात कही है।