शिवनवरात्रि में अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे महाकाल, 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि से पहले शिव नवरात्रि मनाए जाने की परंपरा बरसों से चली आ रही है। इस बार भी 10 फरवरी से इसकी शुरुआत हो जाएगी और भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती अलग-अलग रूपों में भक्तों को दर्शन देंगे।

Mahakaleshwar : महाकालेश्वर मंदिर में अगले महीने 18 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाने वाला है। इस पर्व को लेकर महाकाल मंदिर में तैयारियों का दौर शुरू हो चुका है। इस बार मंदिर समिति ने लगभग 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया है, जिसके चलते बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही है।

नववर्ष के मौके पर भी महाकाल मंदिर में 5 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे थे। महाकाल लोक (Mahakal Lok) बन जाने के कारण इस भीड़ के प्रबंधन में परेशानी नहीं हुई थी। मंदिर में जब कई भक्त एक साथ एकत्रित हो जाते हैं तो दबाव बढ़ जाता है। लेकिन अब महाकाल लोक के बन जाने के कारण भीड़ को फैलाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है इसलिए परेशानी कम होती है। मंदिर समिति के पास शिवरात्रि की तैयारी करने के लिए 1 महीने का ही समय बचा है।

इन व्यवस्थाओं के अंतर्गत कोटि तीर्थ कुंड और गर्भगृह की रजत मंडित दीवारों की साफ सफाई का काम शुरू किया जाने वाला है। इसके अलावा श्रद्धालुओं को दर्शन करवाने के लिए प्लान भी तैयार किया जाने वाला है। 10 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है जिसे देखते हुए बड़े स्तर पर प्लान तैयार होगा।

10 फरवरी से मनेगी शिवनवरात्रि

महाशिवरात्रि से कुछ दिनों पहले से महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि मनाए जाने की परंपरा है। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि से यह शिव नवरात्र शुरू हो जाएगी। इस दिन से लगातार नौ दिनों तक भगवान शिव और माता पार्वती का अलग-अलग रूपों में आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। इस दौरान मंदिर में कई तरह की झांकियां भी सजाई जाती है। 18 फरवरी के दिन भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के बाद मध्य रात्रि में महानिशा काल में महा पूजा की जाएगी। इसके बाद 19 फरवरी को तड़के 4 बजे महाकालेश्वर के सिर पर फूलों से बना सेहरा सजाया जाएगा। दोपहर 12 बजे साल भर में एक बार दोपहर में की जाने वाली भस्म आरती की परंपरा भी निभाई जाएगी। महाशिवरात्रि का पर्व मंदिर परिसर में धूमधाम से मनाया जाएगा और इसके 2 दिन बाद शुक्ल पक्ष की द्वितीया पर बाबा महाकाल पंच मुखारविंद श्रृंगार में भक्तों को दर्शन देंगे। इस दौरान मंदिर में भक्तों का हुजूम उमड़ेगा।