उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। दुनिया भर में कोरोना संक्रमण (Covid-19) की रोकथाम के लिए अब महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Mandir) समिति ने भी प्रयास शुरू कर दिए हैं. समिति ने प्रदोष पर्व से अति रुद्र महामृत्युंजय मंत्र अनुष्ठान प्रारंभ किया है. महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा आयोजित 11 दिवसीय अनुष्ठान के दौरान 76 पंडित दो शिफ्ट में प्रतिदिन एक महारुद्र महामृत्युंजय जाप करेंगे।  11 दिवस में 11 महारुद्र से एक अति रुद्र महामृत्युंजय जाप संपन्न होगा।

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मंदिर समिति के सहायक प्रशासक प्रतिक द्विवेदी ने बताया कि अनुष्ठान की पूर्णाहुति 19 अप्रैल को यज्ञ आहुति के साथ होगी। मंदिर समिति द्वारा कोरोना के समूल उन्मूलन और जनकल्याणर्थ सवा लाख महामृत्युंजय जाप का अनुष्ठान किया गया है। इस दौरान मंदिर में उपस्थित होने वाले सभी पंडितों के बीच शासन के नियमों के तहत सोशल डिस्टेंसिंग सेनीटाइजर का पालन करते हुए अनुष्ठान किया जाएगा। अनुष्ठान के दौरान मंदिर की पूजन भारतीयों की व्यवस्था और बैरिकेड से दर्शनार्थियों की दर्शन की व्यवस्था यथावत चलेगी।

सवा लाख महामृत्युंजय का जाप 

शुुुक्रवार सुबह 8 बजे शुरू हुआ अनुष्ठान की सबसे पहले शुरुआत में महाकाल मंदिर के प्रशासक और शहर एक एडीएम ने गर्भ गृह में पूजन किया।  इस दौरान अनुष्ठान के लिए 76 पण्डे पुजारियों को नंदी हाल में बैठाया गया और सबसे पहले मंदिर प्रशासक द्वारा महाकाल के पूजन के बाद अनुष्ठन की शुरुआत की गई। दरअसल मान्यता है की महाकाल कालो के काल है और अब सृष्टि में जिस तरह कोरोना अपना विकराल रूप लेकर आम लोगों की जान ले  रहा है, उससे सिर्फ अब महाकाल ही बचा सकते हैं। इसके चलते आज से शुरू हुआ ये अनुष्ठान 11 दिन चलेगा और 19 अप्रेल को इसकी पूर्ण आहुति दी जााएगी।

समापन में आ सकते है सीएम 

दरअसल ये पूरा अनुष्ठान महाकाल मंदिर समिति करवा रही है और इसमें लगभग 15 लाख से अधिक का होने वाला खर्चा मंदिर समिति वहन करेगी। माना जा रहा है कि 19 अप्रेल को समापन वाले दिन प्रदेश के मुखिया या कोई अन्य बड़ा नाम आकर समापन में आहुति दे सकता है।  फिलहाल इस बात को लेकर महाकाल मंदिर  के  अधिकारी तो कुछ भी कहने से बच रहे हैं। लेकिन महाकाल के सूत्र बता रहे है की सम्भवत सीएम शिवराज सिंह चौहान उज्जैन आ सकते हैं।

अनुष्ठान में हो रहा कोरोना गाइड लाइन का पालन 

विश्व प्रसिध्द ज्योतिलिंग बाबा महाकाल मंदिर में विश्व भर में छाए महामारी के संकट को देखते हुए मंदिर समिति द्वारा महायज्ञ अनुष्ठान का आयोजन शुरू किया गया। जिसका उद्देश्य जनस्वास्थ्य को लाभ पहुचना और महामारी से मुक्ति दिलवाना है। 19 अप्रैल को होगा यज्ञ का समापन  चूंकि आज प्रदोष व्रत है और बाबा महाकाल को प्रदोष अत्यंत प्रिय है। सवा लाख मंत्रों से होने वाले इस जप में सामाजिक दूरी, मास्क, सेनेटाइजर उपयोग किया जा रहा है। वहीं श्रद्धलुओं के दर्शन व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा नहीं आए, इसका भी पूरा ध्यान रखा गया है ।