शहर में बंद का आंशिक असर, पुराने शहर के कुछ क्षेत्रों को छोड़ बाकी बाज़ार खुला

उज्जैन । अर्पण कुमार ।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के विरोध में बुधवार को शहर में भारत बंद का आंशिक असर ही नजर आया। पुराने शहर में सिर्फ मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में जैसे तोपखाना, बेगमबाग, पुरानी सब्जी मंडी में कुछ जगहों पर दुकानें बंद रहीं, हालांकि अन्य प्रमुख बड़े बाजार गोपालमन्दिर, छत्रीचौक, लखेरवाड़ी, मालीपुरा खुले रहे। सामान्य दिनों की तरह बाजारों में चहल कदमी नजर आई । सराफा मार्केट भी पूरी तरह चालू रहा और लोगो ने आम दिनों की तरह खरीददारी भी की । ट्रांसपोर्ट से लेकर सभी जगह सामान्य स्थिति रही। हालांकि नए शहर के फ्रीगंज इलाके में बंद का असर नही था।

पिछले छः दिनों से बेगमबाग में प्रदर्शन जारी
बेगमबाग में दिल्ली के शाहीनबाग की तर्ज पर धरना व प्रदर्शन पिछले छः दिनों से चल रहा है बंद के दौरान धरना स्थल पर दोपहर बाद संख्या में बढ़ोतरी हुई है । आयोजन स्थल के बाहर भीड़ अधिक होने के कारण वॉलेंटियर पुलिस के साथ ट्रैफिक मैनेज कर रहे है । शहर में पुलिस सुबह से ही मुस्तेद दिखाई दी व धरना स्थल पर विशेषरूप से बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी नज़र बनाए हुए है। धरना स्थल पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सीएए व एनआरसी के विरोध में नारेबाजी की व आज़ादी के नारे भी लगाए । प्रदर्शन कर रहे लोगो को मुस्लिम नेता, मौलाना व भीम आर्मी के नेता संबोधित कर रहे है । आयोजक समिति के हाफिज़ अय्यूब ने बताया कि मंगलवार को प्रदर्शनकारियों को आचार्य सत्यम, अ.भा. किसान महासंघ के बादल सरोज व देवास के एडवोकेट हिमांशु श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। आज विशेषरूप से इंदौर भीमआर्मी के नेता जाटव बेगमबाग के प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने का रहे है।

70 महिलाओं 24 पुरुषों ने रखा रोज़ा
हाफिज़ अय्यूब ने बताया कि प्रदर्शनस्थल पर 70 महिलाओं व 24 पुरुषों ने मुल्क में अमन-चैन की दुआँ व सरकार उक्क्त बिल को वापस ले इस मन्नत के साथ रोज़ा रखा है । बाक़ी प्रदर्शनकारी अपना टिफ़िन लाकर भोजन कर रहे है। रात्रि 10 बजे साउंड सिस्टम व माईक बंद कर दिया जाता है ।