उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में गुरुवार का बसंत पंचमी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान भगवान महाकाल को पुजारियों द्वारा वासंती पुष्प के साथ हर्बल गुलाल अर्पित किया। इसके साथ ही महाकाल मंदिर में वसंत (फाग) उत्सव की शुरुआत हुई। यह उत्सव शहर के सभी मंदिरों में 40 दिन तक चलेगा। यह जानकारी महाकालेश्वर मंदिर के शासकीय पुजारी प्रदीप गुरु ने दी।

उन्होंने बताया कि राजाधिराज महाकाल के आंगन में गुरुवार को सबसे पहले वसंत उत्सव मनाया गया। तडक़े चार बजे भगवान महाकाल को केसर मिश्रित जल से स्नान कराने के बाद आकर्षक श्रृंगार किया गया। इसके बाद मंदिर के पुजारियों ने वासंती और सरसों के पुष्प के साथ भगवान महाकाल को गुलाल अर्पित किया। भस्मार्ती में भगवान का विशेष पूजन-अर्चन हुआ और इसके बाद महाकाल के आंगन में वसंत उत्सव की शुरुआत हुई।

इसके अलावा शहर के सिंधिया देव स्थान ट्रस्ट के प्रसिद्ध गोपाल मंदिर में भी वसंत उत्सव मनाया गया। यहां गुरुवार को सुबह विशेष पूजा-अर्चना के बाद भगवान गोपालजी को महाराष्ट्रीयन केसरिया भात का भोग लगाया गया। गोपाल मंदिर के पुजारी पं. अर्पित जोशी ने बताया कि गोपाल मंदिर में सिंधिया स्टेट की परंपरा के अनुसार वसंत पंचमी मनाई जा रही है। गोपालजी को सुबह केसर के जल से स्नान कराने के बाद केसर चंदन से श्रृंगार कर केसरिया वस्त्र धारण कराए गए। इसके बाद भगवान को सरसों के फूल अर्पित कर विशेष पूजन हुआ और केसरिया भात का भोग लगाया गया।