MP में मिलावटखोरों पर शिकंजा, उज्जैन में 19 संस्थानों पर 54 लाख से अधिक का जुर्माना

19 मिलावट खोरी के विभिन्न मामलों में कुल 54 लाख 90 हजार रु. का अर्थदंड लगाने के आदेश जारी किए हैं

उज्जैन, योगेश कुल्मी| मध्यप्रदेश (Madhyapradesh) को मिलावट मुक्त (Adulteration free) बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने मिलावट पर कसावट अभियान की शुरुआत की है| प्रदेश भर में मिलावटखोरों पर कार्रवाई की जा रही है| उज्जैन में भी ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है, लाखों रुपए का जुर्माना (Penalty) भी लगाया जा रहा है|

उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर जिले में निरंतर मिलावट खोरी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आज अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी नरेंद्र सूर्यवंशी ने अपने कोर्ट में प्रचलित 19 मिलावट खोरी के विभिन्न मामलों में कुल 54 लाख 90 हजार रु. का अर्थदंड लगाने के आदेश जारी किए हैं। उक्त आदेश खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2008, विनिमय अधिनियम 2011 तथा पैकेजिंग एंड लेबलिंग विनिमय 2011 आदि के अधीन किए गए हैं।

इन संस्थानों पर लगाया जुर्माना
1. सैफी रेस्टॉरेंट्स उज्जैन पर बिना लाइसेंस के व्यापार करने पर 25 हजार रु.
2. रॉयल सुपरमार्केट उज्जैन पर मिलावटी किशमिश विक्रय करने पर 2 लाख रु.
3. सुनील कुमार शंकरलाल फर्म पर मिलावटी दूध के लिए 1 लाख रु.
4. सिंह कैटरर्स के विरुद्ध मिलावट वाली रबड़ी बनाने के लिए 5.50 लाख रु.
5. मंसूर डेरी पर मिलावटी दूध के लिए 1 लाख रु.
6. श्री कृष्णा दूध डेयरी उन्हेल पर मिलावटी दूध के लिए 1 लाख रु.
7. अंबिका होटल उज्जैन पर मिलावटी पनीर व इलायची के लिए 2 लाख रु.
8. श्रीनाथ मिष्ठान भंडार तराना पर मिलावटी पनीर पाए जाने पर 1 लाख रु.
9. अनूप किराना नागझिरी पर मिलावटी सरसों के तेल के लिए 5.5 लाख रु.
10. संजय रेस्टॉरेंट्स उज्जैन पर नकली नमकीन विक्रय करने पर 4 लाख रु.
11. पुखराज इंटरप्राइजेज उन्हेल पर मिलावटी मावा बेचने पर 6 लाख रु.
12. धर्मेश कुमार तराना पर मिलावटी हल्दी व वनस्पति पाए जाने पर 2 लाख रु.
13. अश्विनी ट्रेडर्स उन्हेल पर मिलावटी मावा पाए जाने पर 5 लाख रु.
14. गायत्री किराना स्टोर घोंसला पर मिलावटी घी बेचने पर 40 हजार रु. का जुर्माना लगाने के साथ ही मिलावट खोरी करने वाले 19 संस्थानों पर कार्रवाई की है। यदि उक्त संस्थान आरोपित जुर्माने की राशि निर्धारित समयावधि में न्यायालय में जमा नहीं कराते हैं तो अभियुक्तों के खाद्य प्रतिष्ठान की अनुज्ञप्ति निलंबित कर अध्यारोपित राशि भू—राजस्व के बकाया की भांति वसूल की जाएगी।