उज्जैन शराब कांड में बड़ा एक्शन, एसपी के बाद ASI समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

सोमवार को कॉल डिटेल समेत अन्य सबूत मिलते ही  खाराकुआं थाने (Kharakuan police station) में पदस्थ एएसआई रामस्वरूप गोमे, प्रधान आरक्षक गोपाल व आरक्षक पंकज को निलंबित कर दिया है।

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उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। हाल ही में मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन में हुए बहुचर्चित जहरीली शराबकांड मामले (Ujjain Poisonous Alcohol Case) में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की गई है। आरोपियों से मेलजोल और कॉल डिटेल जैसे सबूत मिलने के बाद खाराकुआं थाने के ASI समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित (suspended) कर दिया है। इतना ही नही निलंबित महाकाल थाने के आरक्षक सुदेश खोड़े (Constable sudesh khode) को भी केस में सह आरोपित बनाया गया है, जो की फरार चल रहे है।

दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने रविवार को एक उच्च स्तरीय अधिकारियों की बैठक बुलाई थी, जिसमें सररकार द्वारा गठित जांच समिति के प्रमुख और अतिरिक्त प्रमुख सचिव गृह डॉ राजेश राजौरा (Dr. Rajesh Rajaura) ने जांच के बाद पूरे घटनाक्रम का मुख्यमंत्री चौहान को सारा ब्यौरा दिया था। जिस पर शिवराज ने साफ कहा था कि माफियाओं को संरक्षण देने वालों को नहीं बख्शा जाएगा, अभियान के स्तर पर यह कार्रवाई की जाए।।

इसके तुरंत बाद उज्जैन एसपी  मनोज कुमार सिंह (Ujjain SP Manoj Kumar Singh) और एडिशनल एसपी दोनों को हटा दिया था। वही CSP को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। वही सोमवार को कॉल डिटेल समेत अन्य सबूत मिलते ही  खाराकुआं थाने (Kharakuan police station) में पदस्थ एएसआई रामस्वरूप गोमे, प्रधान आरक्षक गोपाल व आरक्षक पंकज को निलंबित कर दिया है।वही सहायक आयुक्त को भी निलंबित किया जा चुका है।

महाकाल थाने के आरक्षक सुदेश खोड़े की भी शराबकाड़ में भागीदारी का खुलासा हो गया है, जिसके बाद खोड़े को भी केस में सह आरोपित बनाया गया है, जो की फरार चल रहा है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।इसके पहले तीन आरक्षक को सहआरोपित बनाया जा चुका है। मामले में एक फैक्ट्री के मालिक और मैनेजर को भी आरोपित बनाया गया।सोमवार को पुलिस ने इस केस के 12 आरोपितों को कोर्ट में पेश किया। इनमें से नौ को जेल भेज दिया गया, जबकि तीन को पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। 12 लोगों पर रासुका की कार्रवाई की गई।

बता दे कि शराब कांड में अबतक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।इस मामले में उज्जैन पुलिस (Ujjain Police) ने दोनों मुख्य आरोपी सिकंदर और गब्बर को गिरफ्तार कर लिया है। वही उज्जैन के खारा कुआं थाना के टीआई और अन्य अमले को पूर्व में ही घटना में लापरवाही का दोषी मानते हुए निलंबित किया जा चुका है। दोनों आरक्षकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा 304 धारा 328 आबकारी एक्ट की धारा 49 ए- 3 आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया ।