बांधवगढ़ में हाथियों का महोत्सव शुरू, सज-धज कर पिकनिक का लुफ्त उठा रहे हांथी

वहीं पार्क प्रबंधन के अधिकारियों का मानना है कि गज महोत्सव कराने से आम जन व पार्क से लगे लोगों का वन्य प्राणियों के प्रति जागरुकता लाना व वनों वन्य प्राणियों को बचाने कि प्रेरणा मिलती है, लोग ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्राणियों में एनर्जी का विस्तार होता है।

उमरिया, बृजेश श्रीवास्तव। मप्र (MP) के उमरिया (Umaria) में विश्व विख्यात बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park) में इन दिनों हाथी महोत्सव (Elephant Festival) मनाया जा रहा है। जहां पर सुबह से ही हाथियों को नहलाना, तेल की मालिस कर उन्हें चंदन का लेप लगाकर लाल सिन्दूर से सजाया भी जाता है, फिर कतार बद्ध खड़ा कर उनके मन पसंद फल, नारियल, गुड़, गन्ना केला सहित शहद लगाकर रोटी खिलाई जाती है। इन हाथियों से साल भर तो काम लिया जाता है मगर हाथी महोत्सव के सात दिनों तक इनसे कोई काम न लेकर बस खाओ, पिओ और आराम करो, इसे सामान्य भाषा में हाथियों की पिकनिक भी कह सकते है।

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यूं तो बांधवगढ़ नेशनल पार्क बाघों के लिए जाना जाता है पर यहां गज महोत्सव में पहले वन देवी की पूजा अर्चना कर सजे-धजे हाथियों को उनके मन पसंद व्यंजन खिलाकर सितम्बर के महीने में लोग गणपति का अवतार मानकर फल खिलाकर अपने को धन्य मानते हैं, तो वहीं इन हाथियों को देखने व इनकी तस्वीर निकालने में भी स्थानीय लोगों की अच्छी खासी रुची देखने को मिलती है इस गज महोत्सव को देखने के लिए लोग दूर दूर से आते हैं, तो वहीं पार्क प्रबंधन भी सुरक्षा की दृष्टि से सारी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखे हुए है।

बांधवगढ़ में हाथियों का महोत्सव शुरू, सज-धज कर पिकनिक का लुफ्त उठा रहे हांथीबांधवगढ़ में हाथियों का महोत्सव शुरू, सज-धज कर पिकनिक का लुफ्त उठा रहे हांथी

वहीं पार्क प्रबंधन के अधिकारियों का मानना है कि गज महोत्सव कराने से आम जन व पार्क से लगे लोगों का वन्य प्राणियों के प्रति जागरुकता लाना व वनों वन्य प्राणियों को बचाने कि प्रेरणा मिलती है, लोग ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्राणियों में एनर्जी का विस्तार होता है।

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