बांधवगढ़ नेशनल टाइगर रिजर्व पहुंची एक्सपर्ट की टीम, इस काम को दे रही अंजाम

उमरिया। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के निर्देश पर उमरिया जिले के बांधवगढ यानि बाघो के साम्राज्य में इन दिनों एक्सपर्ट वनकर्मियों की टीम जंगलो की खाख छान रही है। वजह जंगल के राजा बाघ और प्रजा यानि दूसरे वन्यजीवों की वास्तविक संख्या का आंकलन के साथ इलाके का आंकलन करना है।

जिससे न सिर्फ वन्यजीवों की तादात का पता लगाया जायेगा बल्कि वन्यजीवों के लिए आवश्यक भोजन, पानी के साथ वातावरण को भी देखकर जंगल की कुंडली तैयार की जायेगी, इसके लिए एनटीसीए के निर्देश पर पूरे टाइगर रिजर्व के कोर जोन सहित बफर में 500 से ज्यादा ट्रेप कैमरो की मदद ली गई है। वन अफसरों का कहना है कि फोर फेस की गणना के लिए पूरे बांधवगढ क्षेत्र को सात ट्रांजिट लाइन में बाँटा गया है जिस पर चलकर एक्सपर्ट वनकर्मी पारम्परिक तरीको के साथ आधुनिक पद्धति का इस्तेमाल कर सटीक आंकड़े जुटाने का काम करेगे,टाइगर एस्टीमेशन 2018 की गणना के मुताबिक चार साल के अंतराल में बांधवगढ़ में बाघों की तादात 45 से बढ़कर सौ के पंहुच गई है मसलन यह गणना इसलिये भी महत्वपूर्ण हो जाती है ताकि वन क्षेत्र में मौजूद बाघ एवं दूसरे वन्यजीवों का रखरखाव व प्रबन्धन में आसानी हो सके,बाघ प्राधिकरण की गाइड लाइन के मुताबिक फोर फेस की गणना से समस्त वन्यजीवों के लिए समुचित आहार एवं आवास,की उपलब्धता,ईको सिस्टम मैनेजमेंट एवं खाद्य श्रंखला के अध्ययन में मदद मिलेगी और उनका प्रबन्धन बेहतर होगा  ।