Jabalpur news: केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने पिता-पुत्र राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदानों को किया याद

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने जबलपुर के शहीद शंकरशाह-रघुनाथ बंदी ग्रह पहुंचकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

जबलपुर, संदीप कुमार। पूरे देश में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इस उत्सव को मनाने का खास उद्देश्य है कि जिन्होंने भी देश के लिए अपने प्राणों को निछावर किया है उन सभी लोगों को इस अमृत महोत्सव के माध्यम से याद किया जाए। इसी कड़ी में आज केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने जबलपुर में शहीद शंकर शाह-रघुनाथ बंदी ग्रह पहुंचकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के साथ उनके सहयोगी भी मौजूद थे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूरे क्षेत्र में शंकरशाह-रघुनाथ के बलिदान की गाथा कहीं नही मिलेगी। इसी के साथ उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस अमृत महोत्सव में शामिल होने के लिए 18 सितंबर को देश के गृह मंत्री अमित शाह जबलपुर आ रहे हैं।

हमारे अनुज जानेंगे कौन है शंकर शाह-रघुनाथ शाह

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि- शंकरशाह और रघुनाथ शाह ने अंग्रेज़ों के सामने कभी घुटने नहीं टेके। उन्होंने अपने देश के लिए हँसते-हँसते तोप के मुँह के सामने आकर अपनी जान दे दी। अब ये हमारी जिम्मेदारी है कि आने वाले पीढ़ी शंकर शाह और रधुनाथ शाह को जानें जिससे उन्हें मालुम चले कि इन्होंने हमारे लिए और हमारे देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी का इतिहास लिखने वालों ने हमारे गौड़ साम्रज्य के राजाओं का, जिन्होंने अपनी जान की बाज़ी लगाकर अंग्रेजों के चिथड़े उड़ा दिये और बिलदान दिया उनका न पढ़ाई में जिक्र है और न ही इतिहास में जिक्र किया गया है। मंत्री पटेल ने कहा कि- यह सबको जानने का हक की अंग्रेजों ने हमें आज़ादी में थाली में पेश करके नहीं दी है। देश की आजादी में अनेक राजाओं, आदिवासियों का भी बलिदान है।

बंदी ग्रह को दिया जाएगा ऐतिहासिक रूप

इस अवसर पर प्रदेश वन मंत्री विजय शाह ने कहा कि जबलपुर में जहाँ शंकरशाह-रघुनाथ शाह को बंदी बनाकर यातनायें दी जाती थी, अब उसी स्थान को हमारी सरकार संजोकर रखेगी। पिता-पुत्र की हर चीजें जो आज वहां मौजूद हैं उसे सजाकर रखा जाएगा जिसके लिये एक आडिटोरियम बनाया जाएगा।