मुंगावली,स्वदेश शर्मा। जहां बिजली कंपनी (electricity company) के द्वारा चौबीसों घंटे बिजली देने की बात की जा रही है तो वहीं बात की जाए मुंगावली के चिरौली गांव की तो यहां ग्रामीण तीन महीने से अंधेरे में बैठे हैं। और बार-बार बिजली कंपनी के अधिकारियों के चक्कर भी काट रहे हैं। लेकिन इनके गांव का ट्रांसफार्मर (Transformer) नहीं बदला गया। जिससे परेशान होकर लगभग दो दर्जन ग्रामीण बुधवार को एसडीएम (Sdm) के पास अपनी गुहार लेकर पहुँचे और बिजली चालू कराने की मांग की। देखा जाए तो इस मामले में जब बिजली कंपनी के जेई इलेश से जानना चाहा तो उनके द्वारा बताया गया कि इस ट्रांसफार्मर पर चार लाख से अधिक बिल बकाया है यदि ग्रामीणों द्वारा दस प्रतिशत बिल जमा किया जाता है तो ट्रांसफार्मर बदलबा दिया जाएगा लेकिन ग्रामीणों द्वारा बिल की राशि जमा नहीं की जा रही है। वही ग्रामीणों का कहना है कि हम 80 % बिजली बिल का भुगतान कर चुके है।

चालीस हजार की रसीद लेकर पहुंचे तहसील कार्यालय

एक ओर जहां बिजली कम्पनी के अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा है कि ग्रामीणों द्वारा बिजली बिल जमा नहीं किया जा रहा है। तो वहीं यह ग्रामीण जब तहसील कार्यालय आवेदन देने पहुंचे तो बिल जमा करने की चालीस हजार की रसीद अपने साथ लाये थे, और इनका कहना था कि इतनी ही रसीद गांव में लोगों के पास है। जिसको देखकर कहा जा सकता है कि इन ग्रामीणों को बिजली कंपनी के अधिकारियों की मनमानी व लापरवाही के चलते परेशान होना पड़ रहा है। जिसके कारण ग्रामीण कई महीनों से बिना बिजली के गुजारा कर रहे है।

मवेशियों के लिए पानी की समस्या
इन ग्रामीणों का कहना था कि अभी तक तो मवेशियों को पानी नदी-नाले में मिल जाता था। लेकिन अब यह सब सुख गये हैं। जिसके चलते अब बिजली न होने के कारण मवेशियों के लिए पानी की समस्या खड़ी हो गई है। साथ ही अंधेरे के कारण कभी भी कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है। बता दें की बिजली कंपनी द्वारा चिरौली गांव में लगभग 3 माह से नहीं दी जा रही है। जिसके चलते ग्रामीणों ने एसडीएम से गुहार लगाई है। वही अधिकारीयों का कहना है कि गांव का 4 लाख रुपए बकाया है। जिसपर ग्रामीणों का कहना है कि हम 80 % बिजली बिल का भुगतान कर चुके है।