मुरैना, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में होने वाले विधानसभा उपचुनाव (Assembly by-election) से पहले कांग्रेस (congress) की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) और उनके समर्थकों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी में फूट सी पड़ गई है। सिंधिया प्रभावित क्षेत्रों में कई कांग्रेसी नेता अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस को छोडक़र भाजपा (B J P) का दामन थाम रहे हैं। सिंधिया पूरी तरह सुनियोजित तरीके से भाजपा में अपने समर्थकों की फौज खड़ी करने और कांग्रेस का कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं उपचुनाव वाले क्षेत्रों पर सिंधिया की खासतौर से नजर है।

इसी क्रम में अब मुरैना में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। यहां नगर निगम से पार्षद और युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव एदल मावई और मंडी सदस्य कौशल मावई ने अपने समर्थकों के साथ कांग्र्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए है। दोनों ही नेताओं ने दिल्ली में वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के समक्ष भाजपा की सदस्यता ली। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस नेता भाजपा की सदस्यता ले रहे हैं। इससे पहले कई मौकों पर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो चुके है। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष ने भी कांग्रेस को अलविदा कहकर सिंधिया की शरण ली थी। सिंधिया समर्थक सभी नेता अपने क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को भाजपा में लाने में सफल रहे हैं। वहीं कुछ हद तक कांग्रेस भी दल बदल की राजनीति में सफल रही है। भाजपा के भी कई नेता भी अब तक कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं।