ग्वालियर, अतुल सक्सेना। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी, प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने अलग अंदाज के लिये हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन पिता के लिए प्रचार में उतरा मंत्री जी का बेटा भी कम नहीं है। ऊर्जा मंत्री के बेटे सागर जनसंपर्क के दौरान कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन करते दिखे। इतना ही नहीं वे दूसरों की सुरक्षा का ख्याल करते भी दिखाई दिये।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर जिले की ग्वालियर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हैं। बुधवार को उन्होंने वार्ड नंबर 33 में जनसंपर्क किया। पिता के जन संपर्क के लिए उनका बेटा सागर सिंह तोमर भी क्षेत्र में निकला। UK से MBA की पढ़ाई पूरी कर घर लौटे युवा सागर जनसंपर्क के दौरान कोरोना को लेकर खुद बहुत जागरूक दिखे साथ ही लोगों के प्रति भी जिम्मेदार दिखे। क्षेत्रीय पूर्व पार्षद चंदू सेन और अन्य समर्थकों के साथ पिताजी के लिए वोट मांगने निकले सागर कोरोना से सुरक्षा का बहुत ख्याल रख रहे थे। कोरोना से बचाव के तीनों मुख्य नियमों का पालन करते दिखे सागर। वे मुँह पर मास्क लगाए थे, हाथ में करीब दो फुट की स्टील की रोड पकड़े चल रहे थे और इसी से लोगों पर सेनेटाइजर छिड़क रहे थे। क्षेत्र के बड़े लोग मंत्री के बेटे की कोरोना को लेकर जागरूकता की तारीफ करते सुनाई दिये तो बच्चे सेनेटाइजर के फव्वारे से हाथ साफ करते दिखाई दिये।

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बेटे सागर सिंह तोमर ने कहा कि लंबे समय से UK में थे अभी 20 दिन पहले ही MBA पूरा कर लौट हैं । उन्होंने वहाँ देखा कि वहाँ के लोग हर तरह से जागरूक हैं कोरोना को लेकर तो वहाँ बहुत जागरूकता है। चूंकि ये चुनाव मेरे पिताजी लड़ रहे हैं मैं जनता के बीच जा रहा हूँ। इसलिए हमारी जवाबदारी बन जाती है कि हम खुद के साथ साथ क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें । हमारे प्रधानमंत्री भी कोरोना के प्रति जागरूकता की बात करते हैं इसलिए मैं हमेशा मास्क लगाता हूँ, सेनेटाइजर का प्रयोग करता हूँ और यथासंभव दो गज दूरी रखता हूँ और यही में चुनाव प्रचार के दौरान कर रहा हूँ। मैं सेनेटाइजर साथ लेकर चल रहा हूँ लोगों के हाथ साफ करवा रहा हूँ, मास्क पहनता हूँ और जितना संभव हो सकता है दूरी बनाकर रखता हूँ। बहरहाल ऊर्जा मंत्री के बेटे की ये जागरूकता देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंगलवार को राष्ट्र को संबोधित करते समय कही गई एक बात “जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं” को याद रखना जरूरी हो जाता है।