MP उपचुनाव : BJP-कांग्रेस में छिड़ी ‘गद्दार’ वाली जंग, एक दूसरे को बता रहे दगाबाज

सिंधिया ने सोमवार को कहा कि उन्होंने हर मोर्चे पर लोगों के मुद्दों को उठाया लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई जिसके बाद उन्हें कांग्रेस छोड़ने का फैसला करना पड़ा।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में विधानसभा की 28 सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव (By-election) को लेकर BJP और कांग्रेस (Congress) जोर शोर से प्रचार में जुटी हुई है। चुनाव प्रचार में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। अब दोनों पक्षों में गद्दार (Gaddar) शब्द को लेकर घमासान मचा हुआ है।

भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ (Kamal Nath)  और दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) को मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा गद्दार करार देते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें भ्रष्ट सरकार (Corrupt Government) चलाकर मतदाताओं को धोखा दिया। सिंधिया ने सोमवार को कहा कि उन्होंने हर मोर्चे पर लोगों के मुद्दों को उठाया लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई जिसके बाद उन्हें कांग्रेस छोड़ने का फैसला करना पड़ा। इससे पहले दिग्विजय सिंह के बेटे और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह (Jayawardhan Singh) और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी सिंधिया (Jitu Patwari) के लिए गद्दार शब्द का इस्तेमाल कई बार कर चुके हैं।

सोमवार को रायसेन जिले के दीवानगंज में सभा को संबोधित करते हुए जयवर्धन सिंह ने कहा कि बिकाऊ नहीं टिकाऊ सरकार चाहिए, जिन गद्दारों के कारण 15 साल बाद सत्ता में वापसी आई कांग्रेस सरकार को जाना पड़ा उन गद्दारों को सबक सिखाना है, आपको अपने वोट की कीमत को बताना है। जीतू पटवारी ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा “तू इधर उधर की बात ना कर गद्दार, ये बता कि मध्य प्रदेश के विकास का काफिला क्यों लुटा।”

बरहाल सिंधिया ने एक इंटरव्यू में विश्वास जताया कि भाजपा को बहुमत के साथ जीत मिलेगी। सिंधिया ने कहा कि भाजपा को 28 में से 27 सीट पर जीत मिलेगी, जिसके लिए 3 नवंबर को मतदान होने वाले हैं। जिन 28 विधानसभा सीटों पर चुनाव हो रहे हैं उनमें से 27 कांग्रेस की सीट थी, इसलिए भाजपा के पास हासिल करने के लिए सब कुछ है, जबकि कांग्रेस के पास खोने के लिए सब कुछ है।

असल में मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 22 बागी विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था, जिससे 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार गिर गई थी। बाद में तीन और विधायकों ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। तीन विधायकों के निधन से 3 सीटें खाली हुई थी, जिसके बाद 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराए जा रहे हैं। सिंधिया ने कहां कांग्रेस को 28 में से 28 सीटें जीतने की जरूरत है ताकि सरकार बनाने के करीब आने के बारे में भी सोचा जा सके। कांग्रेस अपना एक और विधायक (राहुल लोधी) को गवां बैठी, जो भाजपा में शामिल हो गए हैं। यह बहुत स्पष्ट है कि लोगों को कांग्रेस में कोई उम्मीद नहीं दिखती है, ना केवल जमीनी स्तर पर बल्कि कांग्रेस के मौजूदा विधायक भी कांग्रेस पार्टी में आने के लिए कोई उम्मीद नहीं देख रहे हैं।

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