MP उपचुनाव : भाजपा नेताओं पर क्यों भड़के पूर्व मंत्री शेजवार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) में मतदान (voting) वाले दिन सियासत चरम पर पहुंचती नजर आ रही है। अब सोशल मीडिया (social media) पर बीजेपी नेता (bjp leader) का एक निष्कासन पत्र तेजी से वायरल (viral) किया जा रहा है। जिसने सांची विधानसभा के पूर्व विधायक एवं मंत्री रहे गौरीशंकर शेजवार(Gaurishankar Shejwar )  और उनके पुत्र मुदित शेजवार (Mudit Shejwar)को अनुशासनहीनता के कारण पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। हालांकि इस निष्कासन सूचना पत्र के बाद पूर्व विधायक और मंत्री गौरीशंकर शेजवार ने स्पष्टीकरण दिया है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके और उनके पुत्र का एक निष्कासन का फर्जी पत्र जारी किया गया है। पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय मंत्री सत्येंद्र भूषण (satyendra bushan) की सूचना मिली कि पत्र फर्जी है और यह किसी के द्वारा शरारत की गई है। वही गौरीशंकर शेजवार ने बताया कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा (VD Sharma) का भी फोन आया। जिसमें कहा गया है कि यह पत्र फर्जी है और ऐसी कोई भी निष्कासन पत्र भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय से जारी नहीं किए गए।

वहीं पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार द्वारा कांग्रेस से बीजेपी (BJP) में आए लोगों पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि सोशल मीडिया पर जिस तरह के उनके कमेंट किए जा रहे हैं। वह अनुचित है और उन्हें जल्द से जल्द ऐसे कमेंट को डिलीट कर देना चाहिए। वहीं पूर्व मंत्री शेजवार ने कहा है कि उन्होंने साइबर क्राइम में इसकी शिकायत की है और जल्द से जल्द इस फर्जी पत्र जारी करने वालों की जांच चाहते हैं।

सवाल का जवाब देते हुए पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार कहा कि कुछ लोग उनके और उनके बेटे मुदित शेजवार की छवि को खराब करना चाहते हैं। जिसके लिए इस तरह के कार्य किए जा रहे हैं और शेजवार जल्द से जल्द इस मामले की कड़ी जांच करवाएंगे।

इस मामले में भाजपा प्रदेश इकाई के मीडिया प्रभारी हितेश वाजपेई ने कहा कि कांग्रेस के लोगों का फर्जी निष्कासन पत्र लेकर बाजार में घूम रहे हैं ।अतः सावधानी के साथ रहने की जरूरत है। जिसके बाद उनके इस बात का खंडन कर दिया गया था।

 

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