उपचुनाव: सचिन का मध्यप्रदेश दौरा, आम सभा को संबोधित नहीं करेंगे पायलट!

चर्चा यह भी है कि सचिन पायलट जनता के बीच नहीं पहुंचेंगे। वह केवल कार्यकर्ता की बैठक को संबोधित करेंगे।

सचिन पायलट

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। 28 सीटों पर होने वाले मध्यप्रदेश उपचुनाव (MP Bye-Election)में एक तरफ जहां बीजेपी (bjp) के नेता से लेकर कार्यकर्ता तक जमीन पर उतर कर लोगों के साथ जन संवाद कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस (congress) में कमलनाथ (kamalnath) अकेले डटे हुए हैं। कांग्रेस की तरफ से कमलनाथ के अलावा कुछ ही नेता है जो जमीनी स्तर पर आम सभाओं को संबोधित करने का काम कर रहे हैं। हालांकि कांग्रेस के स्टार प्रचारकों (Star campaigners) की लिस्ट जारी की थी। जिसमे कई ऐसे नाम से जिसे बारे में कहा गया था कि वह रोड शो करेंगे और आम सभा को संबोधित भी करेंगे। वहीँ स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल सचिन पायलट (Sachin pilot) मध्यप्रदेश आ रहे हैं।

दरअसल सचिन पायलट का नाम कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल है। जिसके बाद कमलनाथ के बुलावे पर पायलट मध्य प्रदेश पहुंच रहे हैं। चर्चा यह भी है कि सचिन पायलट जनता के बीच नहीं पहुंचेंगे। वह केवल कार्यकर्ता की बैठक को संबोधित करेंगे। वैसे पहले कांग्रेस दावा कर चुकी है कि सचिन पायलट, प्रियंका गांधी जैसे दिग्गज कांग्रेस के हित में रोड शो करेंगे और आम सभा को संबोधित करेंगे।

बता दें कि सचिन पायलट 27 अक्टूबर की सुबह ग्वालियर में कार्यकर्ता को संबोधित करेंगे। जिसके बाद शिवपुरी, करेरा विधानसभा के कार्यकर्ता से मिलेंगे। इसके बाद 1:00 बजे के लगभग शिवपुरी में कार्यकर्ता से संपर्क करेंगे। जिसके बाद जोरा, सुमावली और मुरैना में भी पायलट कांग्रेसी कार्यकर्ता से मिलेंगे। 28 को मुरैना विधानसभा के नूराबाद और दिमनी विधानसभा के मनबसई में कार्यकर्ता को संबोधित करने के बाद वह ग्वालियर पहुंचेंगे।

Read More: मध्यप्रदेश में कोरोना वैक्सीन आने के पूर्व की तैयारियां शुरू

हालांकि इससे पहले प्रियंका गांधी के मध्य प्रदेश आकर कांग्रेस के पक्ष में आम सभा को संबोधित करने की चर्चा तेज़ थी। लेकिन बीते कुछ दिन पहले इमरती देवी पर कमलनाथ ने दिए बयान के बाद इस बात पर अटकलें लगनी कम हो चुकी है। वहीं 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए पीसीसी चीफ कमलनाथ के अलावा पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, सज्जन सिंह वर्मा, जयवर्धन सिंह और कुणाल चौधरी जैसे ब्रिगेड ने मोर्चे को संभाल रखा है। जबकि बीजेपी पार्टी कार्यकर्ताओं और दिग्गजों के साथ मैदान में उतरी हुई है।

एक आंकड़े के मुताबिक कांग्रेस के कमलनाथ की तुलना में बीजेपी के शिवराज सिंह चौहान ने अधिक जनसंवाद करके जनता के बीच पहुंचने का कार्य किया है। इधर 3 नवंबर को होने वाले मतदान से पूर्व इन दोनों पार्टियों में से किस पार्टी के नेता जनता का मन मोहने में ज्यादा सफल होते हैं। इसका परिणाम 10 नवंबर को देखने को मिलेगा।