प्रदेश में उपचुनाव की मतगणना के लिए चुनाव आयोग ने किए बड़े बदलाव

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में बीजेपी (bjp) की सत्ता कायम रहेगी या एक बार फिर कांग्रेस (comgress) वापस आएगी, इसका फैसला मंगलवार को मतगणना (counting) होने के साथ हो जाएगा। उपचुनाव (by election) के नतीजों को लेकर प्रत्याशियों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। मतगणना सुबह आठ बजे से 19 जिला मुख्यालयों पर शुरू होगी। अतिसवेंदनशील सीटें होने के कारण ग्वालियर-भिंड और मुरैना में अधिक सुरक्षा बल तैनात किया गया है और वेवकास्टिंग की मदद से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय कैमरों के जरिए सीधी नजर रखेंगे।

कोविड-19 के कारण हुए ये बदलाव

इस बार चुनाव आयोग (Election Commission) ने काउंटिंग के नियमों में थोड़ा बदलाव किया है। चुनाव आयोग ने कोविड-19 की वजह से निर्वाचन अधिकारियों से काउंटिंग के दौरान बहुत एतिहयात बरतने को कहा है। इस बार मतगणना के लिए एक हाल में सात से ज्यादा टेबिल नहीं लगाई जाएंगी, जिस वजह से हर एक विधासनसभा में मतगणना के राउंड की संख्या बढ़ जाएगी। किस विधानसभा में कितने राउंड होंगे ये विधानसभा क्षेत्रों में वोटरों की संख्या के ऊपर निर्धारित होगा। इसी के ही साथ उप चुनाव में मैदान में उतरे प्रत्याशियों को हर राउंड में वोटों की गिनती पूरी होने के बाद सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। हर राउंड के बाद यह प्रक्रिया दोहराई जाएगी। रिटर्निंग ऑफिसर मतगणना के परिणामों की घोषणा करेंगे और पहले राउंड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दूसरे राउंड की प्रक्रिया शुरू होगी।

इसी के ही साथ इस बार पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने तक ईवीएम से काउंटिंग नहीं रोकी जाएगी, यानि पोस्टल बैलेट और ईवीएम से मतों की गिनती साथ-साथ हो सकेगी, भले ही ईवीएम काउंटिंग के सारे राउंड खत्म हो जाएं। वहीं इस बार काउंटिंग के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई जा रही हैं, ताकि प्रत्याशी और उनके एजेंट बाहर से ही उसे देख सकें। बता दें कि प्रदेश की 28 सीटों पर उपचुनाव 69.68% वोटिंग हुई है। इसमें सबसे कम वोटिंग 48.15% ग्वालियर पूर्व में हुई हैं जबकि सबसे ज्यादा वोटिंग आगर मालवा में 83.77% हुई है। इस उपचुनाव में 28 विधानसभा सीटो पर 355 प्रत्याशियों ने दांव लगाया है।

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