जीतू पटवारी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- लोकतंत्र के हत्यारों ने पुलिस को भी बनाया गुंडा

कांग्रेस प्रत्याशी के भाई के साथ मारपीट मामले में कांग्रेस ने सरकार को घेरा

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा (Dimani Vidhan Sabha) सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रविंद्र सिंह भिड़ोसा (Congress candidate Ravindra Singh Bhidosa) के भाई के साथ पुलिस द्वारा मारपीट मामले में राजनीति गर्मा गई है। पूर्व मंत्री और कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu Patwari) ने इस पूरे मामले की निंदा करते हुए भाजपा  (BJP) पर माफियाओं को संरक्षण देने और गुंडे पालने जैसे गंभीर आरोप लगाए है। इतना ही नहीं पटवारी ने भाजपा को लोकतंत्र का हत्यारा बताते हुए पुलिस को भी गुंडा बनाने की बात कही है।

जीतू पटवारी ने कांग्रेस प्रत्याशी के भाई के साथ हुई पुलिस द्वारा मारपीट करने और कार्यवाही में देरी पर सवाल उठाया है। उन्होंने इसे भाजपा का तानाशाही रवैया बताते हुए कहा है कि प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या कर पीछे के रास्ते से सत्ता में आई भाजपा ने पुलिस वाले गुंडे पाल रखे है। जो आम आदमी को परेशान करने सच की आवाज उठाने वालों की आवाज दबाने का काम करते है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में देश और विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा ने मध्य प्रदेश में माफिया और गुंडे पाले है। जो चुनाव आयोग में शिकायत करने पर पहले तो बर्बरतापूर्ण पिटाई और गुंडागिरी कर लोकतंत्र का गला घोटकर आवाज दबाने की कोशिश करते है। सरकार पर माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि माफिया तो बेख़ौफ़ है। उज्जैन में जहरीली शराब का कारोबार करने वाले माफिया ने कई लोगों की जान ले ली, लेकिन कार्यवाही सिर्फ थाना प्रभारी के निलंबन तक ही सीमित है। उन्होंने गृहमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर प्रदेश के गृह मंत्री से पुलिस महकमा नहीं सम्हल रहा तो उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

रक्षक की जगह भक्षक बनी पुलिस
जीतू पटवारी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि थाना प्रभारी के चार पहिया वाहन से मिले अवैध हथियारों से तो यही साबित होता है कि पिछले 15 सालों के भाजपा राज में पुलिस किस तरह रक्षक की जगह भक्षक बनकर गुंडाराज फैलाए हुए थी। जो पिछले 6 महीनों से एक बार फिर देखने को मिल रहा है। यह पुलिस का माफिया के साथ गठजोड़ नहीं तो क्या है। क्या पुलिस थाना क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों पर नजऱ नहीं रख पा रही या सत्ता संरक्षण के चलते अक्षम हो गई है।