प्रशासन 14 घंटे कर रहा काम, नेता उड़ा रहे नियमों की धज्जियां

खण्डवा, सुशील विधानी। मध्यप्रदेश का उप-चुनावी माहौल मांधाता और नेपानगर दोनों ही जगह शबाब पर है। लेकिन इस दौरान सभाओं में सरकारी गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। दोनों दलों के स्टार प्रचारकों की सभाएं कायदों की आँखों में धूल झोंक गई। प्रचार के लिए निकले प्रत्याशी मतदाताओं से हाथ भी मिला रहे हैं और गले भी मिल रहे हैं। बिना मास्क के भी घूमते दिख रहे हैं।

इन दिनों कार्यकर्ता और उनसे समर्थक हर घर की पैड़ी चढ़कर कोविड-19 फार्मूले की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। जिला प्रशासन कोरोना के नियमों का पालन करवाने के लिए ऐड़ी-चोटी की मेहनत कर पसीना बहा रहा है। निर्वाचन और कोविड के मसले में जिले के अफसर व कर्मचारी 14 घंटे काम कर रहे हैं, लेकिन चुनावी माहौल में सक्रिय नेता आखिर क्यों इसका पालन नहीं कर रहे हैं? वे निर्वाचन के नियमों और कोविड-19 से बचाव में क्यों सहयोग नहीं कर रहे हैं? लगता है अब समझाइशों का समय खत्म हो गया है। बताते हैं प्रशासन अब कार्रवाई के मूड में है।

सभाओं में नहीं हुआ पालन
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एस.एल. सिंघाड़े के 16 अक्टूबर को जारी निर्देश देखें तो उन्होंने मांधाता विधानसभा क्षेत्र में उप निर्वाचन से संबंधित राजनैतिक आम सभाओं में कोरोना संक्रमण से बचाव के संबंध में दिशा निर्देशों के पालन लिए कहा था कि जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक आम सभा में 10-10 कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। संबंधित राजनैतिक दलों के भी कम से कम 10 वालेटिंयर्स आम सभाओं में तैनात रहेंगे, जो उपस्थित नागरिकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य प्रावधानों का पालन कराएंगे। एस.एल. सिंघाड़े ने बताया कि इस संबंध में रिटर्निंग अधिकारी मांधाता क्षेत्र को भी ऐसे निर्देश दे दिए थे।

कलेक्टर कर रहे वेट एंड वॉच
दोनों दलों की सभाएं भी हो गईं। पर्चे भरने के समय रैलियाँ भी किलोमीटर से नापने वाली थी। इनमें ऐसा कुछ नहीं दिखने से लोग सन्न हैं। बताते हैं कि जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अनय द्विवेदी भी इस मामले में नाखुश हैं। हालांकि दोनों ही दलों में दो अनचाही घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें दो मौतें भी हो गई।

अस्पताल वाले मांधाता भी जाएं
कोरोना में चुनाव के चलते मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान का बयान भी अहम है। मंगलवार को जिले के अहमदपुर, अमलानी, खुटला और नया हरसूद छनेरा में बताया गया कि घर से बाहर जब भी जाएं, मास्क पहनकर जाएं। अनावश्यक यात्रा से बचें। बार-बार अपनी आंख-नाक और मुंह को छुने से बचें। अनावश्यक भीड़-भाड़ इक्ठ्ठा न होने दें।

ये नियम प्रत्याशियों के लिए क्यों नहीं
जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं। न गले मिलें और न हाथ मिलाएं। आपस में दो गज की दूरी बनाए रखें। बार-बार हाथों को साबुन व पानी से धोने की समझाइश दी भी दी गई। गौर करने वाली बात यह है कि विधानसभा उप चुनाव में प्रत्याशी और उनके पीछे चलने वाले क्या ऐसे नियमों का पालन कर रहे हैं। इन्हें भी सामाजिक बनानेेे और जिला प्रशासन के नियमों का पालन करवाने के लिए क्या अलग से कानूनी शिकंजा कसने की जरूरत है।

मतदान करने जाओ तो सावधान
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एस.एल. सिंघाड़े ने मतदान के दिन का शेड्यूल भी जारी कर दिया है। 3 नवंबर को मतदान के समय सभी मतदान केन्द्रों के बाहर प्रतीक्षारत मतदाताओं का शारीरिक तापमान थर्मल स्केनर से मापा जाएगा। जिन मतदाताओं का तापमान 36.1 से 37.2 डिग्री सेंटीग्रेट अर्थात 97 से 99 डिग्री फेरनहाइट से अधिक पाया जाएगा, उनका तापमान 10 मिनट के अंतर से पुन: लिया जाएगा। इसके बावजूद भी यदि तापमान निर्धारित सीमा से अधिक आता है, तो ऐसे मतदाता को मतदान के अंतिम घंटों में मतदान करने दिया जाएगा।

ये भी हो रहा है चुनाव में
सोमवार को नर्मदानगर के सरस्वती शिशु मंदिर में भाजपा महिला मोर्चा के सम्मेलन का हाल देखिए, तस्वीर से सब कुछ साफ हो जाएगा। महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री ममता बोरसे भी पहुंची। सम्मेलन में विधानसभा प्रभारी जसवंतसिंह हाड़ा,खंडवा के डिलाइट नेता व पूर्व महापौर सुभाष कोठारी, प्रत्याशी नारायण पटेल की धर्मपत्नी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसमें न सोशल डिस्टेंस दिखा और न ही अधिकतर के मुंह पर मास्क। यहाँ चुनाव आचार संहिता और कोरोना से बचाव दोनों के नियमों के पालन न करने की चर्चाएं हैं।

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